देश के कई हिस्सों में इन दिनों प्रचंड गर्मी पड़ रही है। हालांकि, इस बार उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में अभी तक प्रचंड गर्मी का दौर देखने को नहीं मिला है। लेकिन गर्मी ट्रेलर तो दिखा चुकी है। बाद में एक के बाद एक पश्चिमी विक्षोभ आने से गर्मी से जरूर कुछ राहत मिली है। अब मानसून को लेकर अच्छी खबर है। जी हां, इस बार मानसून समय से पहले ही दस्तक देने वाला है।
मानसून में होगी औसत से ज्यादा बारिश
मौसम विभाग ने इस बार मानसून के समय से पहले ही दस्तक देने की भविष्यवाणी की है। मौसम विभाग ने भविष्यवाणी की है कि इस बार दक्षिण-पश्चिम मानसूर 27 मई को ही केरल पहुंच जाएगा। जबकि इसके केरल में दस्तक देने की तारीख 1 जून होती है।
जैसा कि IMD ने भविष्यवाणी की है, अगर उसी अनुसार केरल में मानसून समय से पहले दस्तक दे देता है तो ऐसा 16 साल बाद होगा। इससे पहले मानसून ने साल 2009 में भारत की मुख्य भूमि पर मई के महीने में दस्तक दी थी। IMD के डाटा के अनुसार उस साल मानसून 23 मई को ही केरल पहुंच गया था।
आमतौर पर दक्षिण-पश्चिम मानसून 1 मई को केरल के तट पर पहुंचता है। इसके बाद 9 जुलाई तक मानसून पूरे देश को कवर कर लेता है। 17 सितंबर तक पूरे देश को भिगोकर मानसून अपनी वापसी की राह पकड लेता है और 15 अक्टूबर तक देश के सभी हिस्सों से मानसून का प्रभाव खत्म हो जाता है।
IMDने पिछले महीने यानी अप्रैल में ही भविष्यवाणी की थी कि इस साल देश में नॉर्मल से ज्यादा औसत मानसूनी बारिश होगी। मौसम विभाग ने अल-नीनो प्रभाव को भी नकार दिया था। बता दें कि अल-नीनो के प्रभाव में भारतीय उप-महाद्वीप में बारिश कम होती है।
बता दें कि भारत में आमतौर पर जून से सितंबर तक चार महीने बारिश होती है।
Input - PTI
