मानसून का कहर बरकरार! पूर्वोत्तर से हिमालयी राज्यों तक बाढ़ और भूस्खलन ने बढ़ाई मुश्किलें, कई इलाकों में जनजीवन अस्त-व्यस्त

मानसून के तेज असर ने पूर्वोत्तर भारत से लेकर हिमालयी राज्यों तक भारी तबाही मचाई है। लगातार बारिश, बाढ़ और भूस्खलन की घटनाओं से कई लोगों की जान गई, हजारों लोग प्रभावित हुए और सड़क, रेल व जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। राहत-बचाव अभियान जारी हैं, जबकि कई राज्यों में मौसम विभाग ने अब भी भारी बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है।

Monsoon 2026: मानसून की एंट्री के बाद पूर्वोत्तर भारत में भारी बारिश और बाढ़ से जुड़ी घटनाओं में कम से कम छह लोगों की मौत हो गई। बाढ़ के कारण रेल पटरियों, कृषि भूमि और सार्वजनिक सुविधाओं को नुकसान पहुंचा। वहीं, हिमाचल प्रदेश और जम्मू क्षेत्र में भी मूसलाधार बारिश से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। हिमाचल प्रदेश में बादल फटने की घटना में छह मकान बह गए।

Monsoon 2026

देशभर में मानसून की मार (AI फोटो)

अधिकारियों ने बताया कि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई। मौसम विभाग द्वारा भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किए जाने के बाद कांगड़ा, मंडी और सिरमौर जिलों के सभी स्कूल और कॉलेज मंगलवार को बंद रहे। रुक-रुक कर हो रही बारिश के कारण शिमला जिले के ठियोग, चंबा जिले के सलूणी और कुल्लू जिले के निरमंड क्षेत्र के सभी शिक्षण संस्थानों को भी बंद रखा गया। अधिकारियों ने बताया कि किन्नौर जिले में दो स्थानों पर भूस्खलन के कारण पुराना हिंदुस्तान-तिब्बत मार्ग (राष्ट्रीय राजमार्ग-5) वाहनों के लिए बंद कर दिया गया है।

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