हिमाचल में कुदरती आफत ने अबतक लील ली 43 की जान, 37 लोग लापता; 5000 करोड़ भी हो गए स्वाहा

हिमाचल प्रदेश में मानसूनी बारिश के कहर से काफी नुकसान हुआ है। अबतक वहां 43 लोगों की मौत हो चुकी है और 37 अब भी लापता है जबकिमौसम की मार से 5,000 करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है।

शिमला: हिमाचल प्रदेश में पिछले महीने मानसून की शुरुआत के बाद से बादल फटने, अचानक बाढ़ आने, भूस्खलन के कारण 43 लोगों की मौत हो गई और 37 लोग लापता बताये जा रहे हैं। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। मानसून ने 20 जून को राज्य में दस्तक दी थी और तब से अब तक मौसम की मार से 5,000 करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है।

Him

हिमाचल प्रदेश में मानसूनी बारिश से भारी तबाही (फोटो साभार: @SukhuSukhvinder)

43 लोगों की मौत

अधिकारियों ने बताया कि 43 में से 14 लोगों की मौत बादल फटने, आठ लोगों की मौत अचानक बाढ़ में बह जाने और एक व्यक्ति की मौत भूस्खलन में हुई जबकि सात लोग डूब गए। उन्होंने बताया कि सबसे अधिक मौतें, मंडी (17) जिले में हुईं, जहां मंगलवार को बादल फटने, अचानक बाढ़ आने और भूस्खलन की दस घटनाओं ने कहर बरपाया। अधिकारियों ने बताया कि अकेले मंडी जिले से लापता 31 लोगों की तलाश अब भी जारी है। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) के जवानों ने शुक्रवार को भारी बारिश के बाद भारद, देजी, पयाला और रुकचुई गांवों में फंसे 65 लोगों को बचाया।

End of Feed