Monsoon 2026: देश के कई हिस्सों में मानसून का असर एक बार फिर तेज होता नजर आ रहा है। दिल्ली में अगस्त के शुरुआती आठ दिनों में ही महीने की औसत बारिश का आंकड़ा पार हो गया है। वहीं, उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में अगले 24 घंटे के दौरान बारिश और कुछ स्थानों पर भारी वर्षा की संभावना जताई गई है। हिमाचल प्रदेश में भूस्खलन और पत्थर गिरने के कारण प्रमुख फोरलेन मार्ग पर यातायात प्रभावित हुआ है। उत्तराखंड में भारी से बहुत भारी बारिश को लेकर कई जिलों में अलर्ट जारी किया गया है और स्कूलों में छुट्टी भी घोषित की गई है। दूसरी ओर, असम में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है और इस साल बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 100 हो गई है।
मानसून का मेगा अटैक (AI फोटो)
दिल्ली में अगस्त के पहले आठ दिन में रिकॉर्डतोड़ बारिश
दिल्ली में अगस्त के पहले आठ दिन में ही इस महीने की औसत बारिश से अधिक वर्षा दर्ज की जा चुकी है। शहर की प्रमुख मौसम वेधशाला सफदरजंग वेधशाला में अब तक 230.1 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। सफदरजंग में इस महीने की शुरुआत से शनिवार सुबह साढ़े आठ बजे तक 225.7 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई थी। इसके बाद शनिवार सुबह साढ़े आठ बजे से शाम साढ़े पांच बजे के बीच 4.4 मिलीमीटर और बारिश हुई, जिससे कुल वर्षा 230.1 मिलीमीटर हो गई। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, 1991 से 2020 की जलवायु अवधि के आंकड़ों के अनुसार दिल्ली में अगस्त में औसतन कुल 226.8 मिलीमीटर बारिश होती है। राष्ट्रीय राजधानी में शनिवार को पिछले दो वर्ष में अगस्त के किसी एक दिन में सर्वाधिक बारिश भी दर्ज की गई। सफदरजंग में शनिवार सुबह साढ़े आठ बजे तक पिछले 24 घंटे के दौरान 98.7 मिलीमीटर बारिश हुई। इससे पहले अगस्त में एक दिन में इससे अधिक बारिश एक अगस्त 2024 को दर्ज की गई थी। उस समय 107.6 मिलीमीटर वर्षा हुई थी। शनिवार सुबह साढ़े आठ बजे तक पिछले 24 घंटे के दौरान पालम में 104.6 मिलीमीटर, आयानगर में 115 मिलीमीटर, रिज में 89.8 मिलीमीटर और लोधी रोड में 86.8 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। सुबह साढ़े आठ बजे से शाम साढ़े पांच बजे के बीच आयानगर में सबसे अधिक 16 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। इसके बाद रिज में 9.4 मिलीमीटर और लोधी रोड में 6.5 मिलीमीटर बारिश हुई, जबकि सफदरजंग और पालम में 4.4-4.4 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। मौसम विभाग ने कहा कि अगले दो दिन दिल्ली में कुछ स्थानों पर हल्की से बहुत हल्की बारिश होने की संभावना है।
यूपी के दक्षिणी हिस्सों में अगले 24 घंटे के लिए अलर्ट
वहीं उत्तर प्रदेश के दक्षिणी हिस्सों में अगले 24 घंटे के दौरान कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान है जबकि इस दौरान कुछ स्थानों पर भारी बारिश भी हो सकती है। मौसम विभाग के अनुसार, पूर्वी तट पर बना वेदर सिस्टम पश्चिम-उत्तर पश्चिम दिशा की ओर बढ़ते हुए पूर्वोत्तर मध्य प्रदेश तक पहुंच गया है। IMD ने कहा कि अगले 24 घंटे के दौरान उत्तर प्रदेश के अन्य हिस्सों में मानसून की गतिविधियां अपेक्षाकृत सीमित रहने की संभावना है। इसके बाद मौसम तंत्र के आगे बढ़ने से अगले कुछ दिनों में पूरे राज्य में बारिश की गतिविधियां काफी हद तक छिटपुट और अलग-अलग स्थानों तक सीमित रह सकती हैं। रविवार को जारी मौसम विभाग के बुलेटिन के अनुसार, उत्तर प्रदेश में कुछ स्थानों पर बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है जबकि एक-दो स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। राजधानी लखनऊ में सोमवार को आमतौर पर बादल छाए रहने और कुछ समय के लिए बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ने का अनुमान है। यहां अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है। प्रदेश में रविवार को ज्यादातर हिस्सों में मौसम शुष्क रहा। कानपुर नगर, प्रयागराज और झांसी में हल्की बारिश दर्ज की गई जबकि वाराणसी, गाजीपुर, सुलतानपुर और फुर्सतगंज में 0.3 मिलीमीटर से एक मिलीमीटर तक वर्षा हुई। लखनऊ में अधिकतम तापमान 33.5 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यहां न्यूनतम तापमान सामान्य से दो डिग्री अधिक रहा।
हिमाचल के बिलासपुर में कीरतपुर-मनाली राजमार्ग बंद
खराब मौसम के चलते हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले में मेहला क्षेत्र के पास लगातार पहाड़ों से पत्थर गिरने के कारण कीरतपुर-मनाली फोरलेन राजमार्ग को मंडी भरारी चौक से आगे वाहनों की आवाजाही के लिए बंद कर दिया गया है। पुलिस ने रविवार को यह जानकारी दी। पुलिस के अनुसार, रविवार अपराह्न मेहला इलाके के पास सड़क पर पहाड़ों से पत्थर गिरने लगे, जिसके बाद मार्ग को यातायात के लिए बंद कर दिया गया और वाहनों को वैकल्पिक रास्तों की ओर मोड़ दिया गया है। बिलासपुर, हमीरपुर, मंडी और कुल्लू से चंडीगढ़ जाने वाले वाहनों को नौणी चौक से मंडी भरारी पुल होते हुए स्वारघाट की ओर भेजा जा रहा है। इसी तरह चंडीगढ़ से बिलासपुर, हमीरपुर, मंडी, कुल्लू और मनाली जाने वाले वाहनों को स्वारघाट से नौणी चौक की ओर भेजा जा रहा है, जहां से वे फिर फोरलेन पर पहुंच सकते हैं। अधिकारियों ने यात्रियों से निर्धारित वैकल्पिक मार्गों का पालन करने और यातायात पुलिस के साथ सहयोग करने की अपील की है।
उत्तराखंड में देहरादून समेत चार जिलों में ऑरेंज अलर्ट
इसके अलावा उत्तराखंड के कई स्थानों पर रविवार को बारिश हुई और मौसम विभाग ने सोमवार के लिए देहरादून समेत चार जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी के साथ आरेंज अलर्ट तथा बाकी जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग द्वारा जारी पूर्वानुमान में कहा गया है कि देहरादून, बागेश्वर, नैनीताल और चंपावत जिलों में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। इन जिलों में कुछ स्थानों पर आकाशीय बिजली चमकने और तीव्र से अत्यधिक तीव्र वर्षा होने की संभावना भी व्यक्त की गयी है। इसके अलावा, प्रदेश के अन्य जिलों में बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए बागेश्वर जिले में सोमवार को 12वीं कक्षा तक के स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया गया है। अधिकारियों ने बताया कि खराब मौसम की आशंका के मद्देनजर राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र ने सभी जिलों को सतर्क रहने और पर्याप्त एहतियाती उपाय अपनाने के निर्देश दिए हैं।
असम में अब तक 100 लोगों की मौत
असम में रविवार को बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी रही तथा दो और लोगों की मौत होने के बाद इस साल सैलाब में जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर 100 हो गई है। आधिकारिक बुलेटिन में यह जानकारी दी गई है। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) ने बताया कि पिछले 24 घंटे के दौरान गोलाघाट और कार्बी आंगलोंग जिलों में बाढ़ के पानी में डूबने से एक-एक व्यक्ति की मौत हुई है। एएसडीएमए ने कहा कि चराइदेव, दरांग, गोलाघाट, जोरहाट, कार्बी आंगलोंग, नगांव और शिवसागर जिलों में अभी 1,37,500 से अधिक लोग प्रभावित हैं। उसने कहा कि गोलाघाट सबसे अधिक प्रभावित जिला है, जहां करीब 70,000 लोग प्रभावित हुए हैं। इसके बाद शिवसागर में करीब 40,000 और जोरहाट में 16,000 से अधिक लोग प्रभावित हैं। शनिवार की तुलना में स्थिति में थोड़ा सुधार हुआ है। शनिवार को आठ जिलों में करीब 1.5 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित थे। एएसडीएमए ने बताया कि प्रशासन ने छह जिलों में 125 राहत शिविर और राहत वितरण केंद्र बनाये हैं, जहां फिलहाल 49,061 प्रभावित लोग शरण लिये हुए हैं।
