बिहार के मोकामा से विधायक अनंत सिंह का जलवा अलग ही लेवल पर दिख रहा है। मंगलवार को अनंत सिंह जेल से बाहर आए, विधानसभा पहुंचे, विधायक पद की शपथ ली और फिर पुलिस की गाड़ी में सवार होकर बेउर निकल गए। अनंत सिंह जेल से जब विधायक पद की शपथ लेने के लिए निकले तो उनके आगे-पीछे समर्थकों की हुजूम देखने को मिला। इस दौरान अनंत सिंह नीतीश कुमार के साथ बातचीत भी करते दिखे। अधिकारियों के अनुसार, अदालत के निर्देशों के तहत अनंत सिंह को कड़ी सुरक्षा में बेउर जेल से विधानसभा लाया गया और शपथ पूरी होने के बाद वापस जेल भेज दिया गया।
विधानसभा में अनंत सिंह (फोटो- बिहार विधानसभा)
जेल में बंद हैं अनंत सिंह
मोकामा विधायक अनंत सिंह, फिलहाल बेउर जेल में बंद हैं। अनंत सिंह पर चुनाव से पहले हुए दुलारचंद यादव की हत्या में हाथ होने का आरोप है। दुलारचंद यादव हत्याकांड के सिलसिले में 1 नवंबर, 2025 को गिरफ्तारी के बाद बेउर जेल में कैद होने की वजह से वह पहले शपथ नहीं ले पाए थे।
कोर्ट से आदेश के बाद शपथ
कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच अनंत सिंह को बेउर केंद्रीय कारागार से विधानसभा लाया गया। उनकी शपथ-ग्रहण प्रक्रिया पटना सिविल कोर्ट की अनुमति के बाद संभव हो सकी। अदालत के निर्देश के अनुसार, उन्हें भारी सुरक्षा घेरे में एंबुलेंस से विधानसभा पहुंचाया गया और पूरी प्रक्रिया सख्त निगरानी में संपन्न हुई। विधानसभा पहुंचने के बाद अनंत सिंह ने शपथ ली और बाद में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात की।
जमानत याचिका पर होनी है सुनवाई
शपथ-ग्रहण के बाद उन्होंने विधानसभा परिसर में मौजूद लोगों का अभिवादन भी किया। इससे पहले बेउर जेल से निकलते समय अनंत सिंह ने मीडिया से संक्षेप में बातचीत की और कहा कि अब उनकी प्राथमिकता जेल से रिहाई पाना है। अनंत सिंह ने यह भी पुष्टि की कि उन्होंने जमानत के लिए आवेदन कर दिया है और उन्हें जल्द रिहा होने की उम्मीद है। अपनी चुनावी जीत पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने दावा किया कि उनके लिए चुनाव जीतना कोई मुश्किल काम नहीं था।
मोकामा की जनता से क्या बोले अनंत सिंह
मोकामा की जनता को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि क्षेत्र में विकास कार्य लगातार जारी हैं और रिहा होने के बाद वह स्वयं लोगों से मिलकर उनकी समस्याओं का समाधान करेंगे। उन्होंने कहा, “मोकामा का सारा काम चल रहा है। जब मैं बाहर आऊंगा, तो सब लोगों से मिलकर बाकी बचे काम पूरे करूंगा।”
