Delhi News: दिल्ली में फूड सेफ्टी नियमों का उल्लंघन कर अवैध रूप से चल रही मीट शॉप्स का मुद्दा विधानसभा में जोर-शोर से उठा। विधायक हरीश खुराना ने प्रश्न संख्या 280 के तहत इस गंभीर समस्या को उठाते हुए सरकार का ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने कहा कि खुले में चल रही मीट दुकानों से लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है।
सांकेतिक फोटो
फूड सेफ्टी नियमों की उड़ रही धज्जियां
विधायक ने आरोप लगाया कि राजधानी में कई मीट शॉप्स बिना फूड सेफ्टी लाइसेंस और तय मानकों के चलाई जा रही हैं। इन दुकानों में साफ-सफाई की कमी है और कचरा खुले में फेंका जा रहा है। जिससे आसपास गंदगी फैल रही है। यह गंदगी नालियों और पीने के पानी की पाइपलाइन तक पहुंच रही है, जिससे संक्रमण और बीमारियों का खतरा लगातार बढ़ रहा है।
गंदगी से बढ़ रहा बीमारी का खतरा
विधायक ने कहा कि इस तरह की लापरवाही सिर्फ साफ-सफाई का मुद्दा नहीं है, बल्कि यह सीधे तौर पर जनस्वास्थ्य से जुड़ा हुआ गंभीर विषय है। इसलिए इसे प्राथमिकता के आधार पर हल करने की जरूरत है। खुराना ने यह भी कहा कि इस समस्या का स्थायी समाधान केवल नोटिस जारी करने या चालान काटने से होगा।
विधायक ने मांग की कि फूड सेफ्टी नियमों को और सख्त किया जाए। इस संबंध में एक 'कम्पलीट और स्ट्रिक्ट लॉ' लागू किया जाए। उन्होंने सुझाव दिया कि जो दुकानदार नियमों की अनदेखी करते हैं और उनका पालन नहीं करते, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए दुकानों को सील करने तक का प्रावधान होना चाहिए।
खुराना ने सरकार से अपील की कि इस मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए फूड सेफ्टी विभाग को निर्देश दिए जाएं कि बिना लाइसेंस या नियमों के खिलाफ चल रही मीट शॉप्स पर तुरंत कड़ी कार्रवाई की जाए। इससे न केवल शहर में साफ-सफाई बेहतर होगी, बल्कि लोगों के स्वास्थ्य की सुरक्षा भी सुनिश्चित की जा सकेगी।
