Meerut Kanwar Yatra: उत्तर प्रदेश के मेरठ में कांवड़ यात्रा के मद्देनजर भारी वाहनों के लिए यातायात बदलाव मंगलवार की मध्यरात्रि से लागू होगा और 12 अगस्त तक प्रभावी रहेगा। अपर पुलिस महानिदेशक (मेरठ जोन) भानु भास्कर ने मंगलवार को जानकारी देते हुए बताया कि हल्के और मध्यम श्रेणी के वाहनों के लिए मार्ग परिवर्तन चार अगस्त की मध्यरात्रि से लागू होगा और 12 अगस्त तक प्रभावी रहेगा।
30 जुलाई से शुरू हो रही है कांवड़ यात्रा
कांवड़ियों के लिए पारंपरिक मार्ग निर्धारित
पुलिस अधिकारी ने आगे बताया कि दिल्ली से हरिद्वार जाने वाले लोग दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर का इस्तेमाल कर सकते हैं हालांकि, कांवड़ियों को इस मार्ग का इस्तेमाल नहीं करने के लिए कहा जाएगा। भानु भास्कर ने बताया कि कांवड़ियों के लिए पारंपरिक मार्ग निर्धारित किया गया है। इस दौरान उन्होंने यह भी बताया, "दिल्ली से हरिद्वार जाने वाले कांवड़िये गाजियाबाद, बागपत और मुजफ्फरनगर होते हुए हरिद्वार पहुंचेंगे। इस मार्ग की कुल लंबाई करीब 200 किलोमीटर है।"
25,000 पुलिसकर्मियों की तैनाती
अधिकारी ने जानकारी दी है कि यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के लिए करीब 25,000 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। उन्होंने कांवड़ियों से केवल निर्धारित पारंपरिक मार्गों का ही इस्तेमाल करने की अपील की है। ध्यान देने वाली बात यह भी है कि दिल्ली-हरिद्वार राजमार्ग पर चार अगस्त से 12 अगस्त तक सामान्य वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित रहेगी। भानु भास्कर ने बताया कि मेरठ जोन में कांवड़ यात्रा के 28 प्रमुख मार्गों समेत कुल 969 किलोमीटर क्षेत्र में व्यापक सुरक्षा और यातायात प्रबंधन की व्यवस्था की गई है।
36 सुपर जोन, 101 जोन और 439 सेक्टर
पुलिस अधिकारी ने आगे कहा कि भीड़ नियंत्रण और निगरानी के लिए पूरे क्षेत्र को 36 सुपर जोन, 101 जोन और 439 सेक्टरों में विभाजित किया गया है। अधिकारी ने बताया कि कांवड़ यात्रा की निगरानी के लिए पहली बार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित प्रणाली का उपयोग किया जा रहा है, जिसके तहत 6,955 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं और इन्हें एकीकृत कमांड एवं कंट्रोल सेंटर से जोड़ा गया है।
अफवाहों पर रोक लगाने के लिए क्या है व्यवस्था?
भानु भास्कर ने आखिर में बताया कि संचार व्यवस्था मजबूत करने और अफवाहों पर रोक लगाने के लिए 239 जन-निस्तारण प्रणालियां स्थापित की गई हैं। उन्होंने बताया कि इसके अलावा एक समर्पित सोशल मीडिया टीम, छह अस्थायी थाने और 134 चौकियां भी स्थापित की गई हैं। अधिकारी ने बताया कि आपात स्थितियों से निपटने के लिए यूपी-112 के 361 आपातकालीन वाहन भी तैनात किए गए हैं। गौरतलब है कि कांवड़ यात्रा 2026 की शुरुआत 30 जुलाई (गुरुवार) से हो रही है और इसका समापन 11 अगस्त (मंगलवार) को सावन शिवरात्रि के जलाभिषेक के साथ होगा।
