Saurabh Rajput Murder Case: नीला ड्रम हत्याकांड में सौरभ राजपूत की मां ने अपने बेटे की हत्या के मामले में बुधवार को दोषी करार दी गई अपनी बहू मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल शुक्ला को मौत की सजा दिए जाने की मांग की है। मेरठ की एक अदालत ने मुस्कान और साहिल को सौरभ की हत्या करने और उसके शव को छिपाने की कोशिश करने के मामले में दोषी ठहराया है।
सौरभ राजपूत मर्डर केस (File Photo)
अदालत का फैसला आने के बाद सौरभ की मां रेनू राजपूत ने संवाददाताओं से कहा, ’’हम चाहते हैं कि दोषियों को फांसी दी जाए। उन्हें वैसे ही टुकड़ों में काटा जाए जैसे उन्होंने सौरभ को काटकर ड्रम में डाला था।’’ रेनू ने कहा कि दोनों को दोषी ठहराया गया है और अदालत कुछ दिनों बाद उन्हें सजा सुनाएगी। उन्होंने कहा, ’’हमें अभी यह नहीं बताया गया है कि उन्हें क्या सजा मिलेगी।’’ रेनू ने कहा कि घटना के बाद से पूरा परिवार ’’अवसाद में और परेशान’’ रहा है।
जब उनसे पूछा गया कि उन्होंने आखिरी बार सौरभ से कब बात की थी, तो वह रो पड़ीं और कहा, ’’वह मेरा बेटा था। कहने के लिए कुछ नहीं है। वह हमेशा मेरे ख्यालों में रहता था और अब भी है।’’ रेनू ने कहा कि अगर उन्हें मुस्कान से बात करने का मौका मिला, तो वह पूछेंगी कि उसने उनके बेटे की हत्या क्यों की। उन्होंने कहा, ’’अगर उसने पहले ही मन बना लिया था, तो वह बस उससे कह सकती थी कि वह उसके साथ नहीं रहना चाहती। उसे मारने की क्या जरूरत थी?’’ सौरभ की बुआ कुसुम ने भी दोषी ठहराए गए दोनों लोगों के लिए मौत की सजा की मांग की। फैसले के बाद अदालत परिसर में कुसुम ने संवाददाताओं से कहा, ’’उन्हें भी टुकड़ों में काट दिया जाना चाहिए।’’
15 दिन बाद सजा सुनाएगी कोर्ट
सौरभ के भाई राहुल ने भी दोनों दोषियों के लिए मौत की सजा की मांग की और कहा कि ऐसी सजा से भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने में मदद मिल सकती है। मेरठ की जिला अदालत ने मुस्कान और साहिल को सौरभ की हत्या करने और शव को छिपाने की कोशिश करने का बुधवार को दोषी ठहराया। अदालत सजा के संबंध में आदेश 15 दिन बाद सुनाएगी।
मार्च 2025 में हुई सौरभ राजपूत की हत्या
सौरभ की हत्या मार्च 2025 में की गई थी। अभियोजन पक्ष के अनुसार, उसकी पत्नी मुस्कान तथा उसके प्रेमी साहिल ने उसकी हत्या करने के बाद उसके शव के टुकड़े किए और उन्हें सीमेंट से भरे एक नीले ड्रम में छिपा दिया। इस घटना से देशभर में सनसनी फैल गई थी। मुकदमे की सुनवाई 126 पेशियों के बाद पूरी हुई और अभियोजन पक्ष ने 22 गवाहों से पूछताछ की।
(इनपुट - भाषा)
