मथुरा : उत्तर प्रदेश के पर्यटन क्षेत्र तक लोगों की पहुंच आसान बनाने की दिशा में काम चल रहा है। इसी क्रम में मथुरा-वृन्दावन के बीच बने करीब 12 किलोमीटर लंबे रेल ट्रैक पर अब सड़क बनाई जाएगी और ब्रज क्षेत्र की 200 धरोहरों को ’तीर्थ मित्र’ योजना के तहत सहेजा जाएगा। गुरुवार रात मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई उप्र ब्रज तीर्थ विकास परिषद की नौवीं बैठक में ब्रज क्षेत्र के समग्र विकास, विरासत संरक्षण और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को लेकर कई बड़े फैसले लिए गए।
मथुरा-वृन्दावन के बीच 12 किलोमीटर रेल ट्रैक पर बनाई जाएगी सड़क (फोटो-AI)
मुख्यमंत्री गुरुवार को वृन्दावन में स्वामी हरिदास प्रेक्षागृह तथा 1,051 करोड़ रुपये की लागत वाली 229 परियोजनाओं के लोकार्पण एवं शिलान्यास के लिए मथुरा पहुंचे थे। इस अवसर पर यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण के क्षेत्रीय कार्यालय में आयोजित बैठक में ब्रज के विकास से जुड़े प्रस्तावों पर चर्चा की। ब्रज तीर्थ विकास परिषद की मुख्य कार्यपालक अधिकारी लक्ष्मी नागप्पन ने बताया कि रेलबस सेवा बंद होने के बाद मथुरा-वृन्दावन के बीच 12 किलोमीटर लंबे रेल ट्रैक पर सड़क बनाने और ’तीर्थ मित्र’ योजना के तहत ब्रज की 200 धरोहरों को संरक्षित करने का निर्णय लिया गया है।
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’तीर्थ मित्र’ योजना से धरोहरों का होगा कायाकल्प
उन्होंने कहा कि संस्कृति विभाग की ’स्मारक मित्र’ योजना की तर्ज पर ’तीर्थ मित्र’ योजना शुरू की जाएगी, जिसके तहत ब्रज की 200 चिह्नित जीर्ण-शीर्ण धरोहरों और स्मारकों का संरक्षण किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने ब्रज चौरासी कोस परिक्रमा विकास का कार्य आगामी तीन वर्षों में पूरा करने और प्राचीन पाण्डुलिपियों व साहित्य को सहेजने के भी निर्देश दिए।
साथ ही, उन्होंने वृन्दावन में नए सिटी बस मार्ग पर केवल उन्हीं वाहनों के संचालन को मंजूरी देने के निर्देश दिए, जो उन मार्गों की चौड़ाई एवं आवागमन के अनुकूल हों। उन्होंने कहा कि बड़ी परियोजनाओं की निरंतर निगरानी करने और पुराने कार्यों में तेजी लाकर उन्हें समय से पूरा करने के भी निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने परिक्रमा मार्ग विकास संबंधी योजना के अनुसार श्रद्धालुओं के लिए पैदल चलने की व्यवस्था को सुगम बनाने का भी निर्देश दिया।
