सास की इच्छा...बहू का संकल्प, 85 साल की सास को कंधे पर बिठाकर करा रही 84 कोस ब्रज परिक्रमा

हरियाणा की बेटी और लोक गायिका काजल चौधरी ने अपनी बुजुर्ग सास की धार्मिक आस्था को सम्मान देते हुए पिछले कई दिनों से उन्हें टब में बैठाकर सिर पर उठाए ब्रज की 84 कोस परिक्रमा कर रही हैं।

मथुरा : आज के समय में जहां सास बहू के रिश्तों में कड़वाहट आती जा रही है और परिवारों में रिश्तों की मिठास, आपसी सम्मान धीरे-धीरे कम होता दिखाई देता है। वहीं उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले के कोसी कलां की रहने वाली प्रीति उर्फ काजल चौधरी ने अपनी सेवा भावना और संस्कारों से समाज के सामने एक अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत किया है। प्रीति उर्फ काजल चौधरी अपनी 85 वर्षीय सास चंद्रो देवी को टब में बैठाकर पवित्र बृज 84 कोस परिक्रमा करा रही हैं। यह कार्य केवल एक धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि बहू और सास के बीच प्रेम, सम्मान और समर्पण का जीवंत प्रतीक बन गया है। वृद्धावस्था के कारण चंद्रो देवी स्वयं परिक्रमा करने में सक्षम नहीं हैं, लेकिन उनकी धार्मिक आस्था और इच्छा को पूरा करने के लिए उनकी बहू ने जो जिम्मेदारी अपने कंधों पर उठाई है, वह वास्तव में प्रेरणादायक है।

आधुनिक दौर में जहां रिश्तों की गर्माहट और बुजुर्गों के प्रति सम्मान के उदाहरण कम देखने को मिलते हैं, वहीं हरियाणा की बेटी और लोक गायिका काजल चौधरी ने सेवा, श्रद्धा और समर्पण की ऐसी मिसाल पेश की है, जिसकी चर्चा पूरे देश में हो रही है। अपनी बुजुर्ग सास की धार्मिक आस्था को सम्मान देते हुए काजल पिछले कई दिनों से उन्हें टप (टब) में बैठाकर सिर पर उठाए ब्रज की 84 कोस परिक्रमा कर रही हैं। उनकी यह अनूठी यात्रा लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है। काजल ने यह यात्रा पलवल के बंचारी गांव से 31 मई को शुरू की थी और शनिवार को पलवल के बंचारी गांव में इसका समापन होगा। उनकी इस सेवा भावना की कहानी राष्ट्रीय स्तर पर भी सुर्खियां बटोर रही है।

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