गाजियाबाद में 7 महीने में 24 गर्भवती महिलाओं की मौत, NHRC ने लिया स्वतः संज्ञान; UP सरकार से 2 हफ्ते में मांगी रिपोर्ट

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले में गर्भावस्था के दौरान इलाज या प्रसव के समय सात महीने में 24 महिलाओं की मौत के मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने स्वतः संज्ञान लिया है।

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले में गर्भावस्था के दौरान इलाज या प्रसव के समय सात महीने में 24 महिलाओं की मौत के मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने स्वतः संज्ञान लिया है। आयोग ने इस मामले में उत्तर प्रदेश सरकार के चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के प्रमुख सचिव और गाजियाबाद के जिलाधिकारी को नोटिस जारी किया है। दोनों अधिकारियों से दो सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है।

Pregnant Women

गाजियाबाद में 7 महीने में 24 गर्भवती महिलाओं की मौत (प्रतीकात्मक तस्वीर)

NHRC के मुताबिक, इस साल सात महीनों के दौरान जिले के अलग-अलग सरकारी और निजी अस्पतालों में गर्भावस्था के इलाज या प्रसव के दौरान 24 महिलाओं की मौत होने की खबर सामने आई है। इसके अलावा जिले में 3,000 से अधिक गर्भवती महिलाओं की पहचान हाई-रिस्क प्रेग्नेंसी यानी उच्च जोखिम वाली गर्भावस्था के रूप में की गई है। इन महिलाओं को गर्भावस्था और प्रसव के दौरान विशेष चिकित्सकीय निगरानी और देखभाल की जरूरत होती है।

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