Pune News: शिवाजी जयंती पर शिवनेरी किले में भगदड़ जैसे हालात, कई श्रद्धालु घायल

पुणे के जुन्नर स्थित शिवनेरी किले पर छत्रपति शिवाजी महाराज जयंती के अवसर पर भारी भीड़ उमड़ने के कारण भगदड़ जैसे हालात बन गए। पुलिस के अनुसार संकरी सीढ़ियों पर एक श्रद्धालु के फिसलने से अफरा-तफरी मच गई। जिसमें तीन लोग घायल हो गए। पुलिस ने स्पष्ट किया कि यह भगदड़ की घटना नहीं है।

Pune News: पुणे के जुन्नर इलाके में शिवनेरी किले पर बुधवार रात को भगदड़ जैसे हालात बन गए। जिसमें कई लोगों के घायल होने की सूचना है। जानकारी के अनुसार छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती के मौके पर भारी भीड़ किले में पहुंची थी। इस दौरान अंबरखाना इलाके के नीचे संकरे स्थानों खासतौर पर हाथी दरवाजा और गणेश दरवाजे के आसपास बड़ी संख्या में लोग एकत्रित हो गए। अधिक लोगों के एक साथ आगे बढ़ने की कोशिश में अफरातफरी मच गई। जिससे भगदड़ जैसी स्थिति किले में बन गई। हालांकि पुलिस का कहना है कि यहां कोई भगदड़ की घटना नहीं हुई।

Shivneri Fort Crowd

शिवनेरी किले में भगदड़ जैसे हालात

एक श्रद्धालु के फिसलने से मची अफरातफरी

पुणे ग्रामीण एसपी संदीप सिंह गिल ने बताया कि जुन्नर स्थित शिवनेरी किले के ऊपर शिव जन्मस्थान पर बुधवार सुबह से बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंच रहे थे। रात भर दर्शन का सिलसिला जारी रहा। इसी दौरान एक श्रद्धालु सीढ़ियों पर फिसल गया, जिसके कारण पीछे से आ रहे कुछ अन्य लोग भी गिर पड़े। जिससे तीन श्रद्धालु घायल हो गए। उन्होंने कहा यह कोई भगदड़ की घटना नहीं है। घायलों को जुन्नर के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

शिवनेरी किले में शिवाजी जयंती पर उमड़ती है भीड़

गौरतलब है कि 19 फरवरी को छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती है। इस मौके पर हर साल बड़ी संख्या में लोग शिवनेरी किले में पहुंचते हैं। पुणे के जुन्नर शहर के पास स्थित एक ऐतिहासिक किला है। यहीं पर 19 फरवरी 1630 को छत्रपति शिवाजी महाराज का जन्म हुआ था। इसी वजह से यह किला काफी प्रसिद्ध है। बताया जाता है कि किले में स्थित शिवाई देवी के मंदिर के नाम पर ही शिवाजी महाराज का नाम रखा गया था। इस किले में जाने के लिए सीढ़ियों से होकर जाना होता है। अंदर प्रवेश के लिए सात दरवाजे बने हुए हैं। जिनके अलग नाम है, इन नामों का अपना महत्व हैं। किले के अंदर शिवाजी महाराज के जन्मस्थान को देखने के लिए आज भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं।

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