पटना : बिहार सरकार ने बड़ा बदलाव करते हुए राज्य की पूर्व की जोन एवं रेंज आधारित पुलिस व्यवस्था को फिर से लागू कर दिया है। नई व्यवस्था के तहत पूरे राज्य को चार प्रमुख पुलिस जोन - पटना, मुजफ्फरपुर, दरभंगा और भागलपुर - में विभाजित किया गया है। पुलिस मुख्यालय की ओर से बृहस्पतिवार को जारी बयान के अनुसार, ’’वर्तमान जोनल पुलिस व्यवस्था (12 रेंज) को अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से बिहार सरकार ने पुलिस की जोनल संरचना का पुनर्गठन किया है। इस पुनर्गठन के तहत 29 जुलाई, 2026 से प्रभावी चार पुलिस जोन - पटना, मुजफ्फरपुर, दरभंगा और भागलपुर - का गठन किया गया है।
बिहार पुलिस (फाइल फोटो)
बयान के अनुसार, प्रत्येक जोन का नेतृत्व पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) रैंक के अधिकारी करेंगे, जबकि जोन के अंतर्गत आने वाली रेंज की जिम्मेदारी पुलिस उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) स्तर के अधिकारियों के पास होगी। इस नई व्यवस्था को औपचारिक रूप देने के लिए गृह विभाग ने अधिसूचना जारी कर दी है। इसमें कहा गया है कि इस पुनर्गठन से कानून-व्यवस्था बनाए रखने, अपराध नियंत्रण, आपदा प्रबंधन तथा अन्य प्रशासनिक दायित्वों के निर्वहन में सुधार आने की उम्मीद है।
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बयान के अनुसार, नई व्यवस्था से जोन प्रमुख अपने अधीन आने वाले जिलों की अधिक प्रभावी निगरानी कर सकेंगे। साथ ही क्षेत्र विशेष की आवश्यकताओं के अनुरूप पुलिसिंग की रणनीति तैयार करना भी आसान होगा। इससे पुलिस प्रशासन अधिक संवेदनशील, दक्ष और क्षेत्रीय जरूरतों के अनुरूप बनेगा तथा कानून-व्यवस्था को और मजबूत करने के साथ आम जनता को बेहतर सुरक्षा एवं पुलिस सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी।
नई व्यवस्था में ये जिले शामिल
नई व्यवस्था के तहत पटना जोन में पटना सेंट्रल रेंज, मगध रेंज और शाहाबाद रेंज; मुजफ्फरपुर जोन में मुजफ्फरपुर-तिरहुत रेंज, चंपारण रेंज और सारण रेंज; दरभंगा जोन में दरभंगा-मिथिला रेंज, कोसी रेंज और सहरसा-पूर्णिया रेंज; तथा भागलपुर जोन में भागलपुर पूर्वी रेंज, मुंगेर रेंज और मुंगेर-बेगूसराय रेंज शामिल होंगी।
उल्लेखनीय है कि 13 अगस्त, 2019 को बिहार सरकार ने पुलिस की जोन व्यवस्था समाप्त कर रेलवे पुलिस को छोड़कर पूरे राज्य को 12 रेंज में पुनर्गठित किया था। हालांकि, पिछले कुछ वर्षों में यह व्यवस्था अपराध नियंत्रण और प्रशासनिक निगरानी के मोर्चे पर अपेक्षित परिणाम नहीं दे सकी। इसके बाद पुलिस मुख्यालय ने पूर्व की जोन व्यवस्था बहाल करने की अनुशंसा की थी, जिसे अब राज्य सरकार ने मंजूरी दे दी है।
