गांधीनगर: गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल की अध्यक्षता में बुधवार को हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक ने राज्य के अविरत विकास को गति देने वाला महत्वपूर्ण जन हितकार निर्णय किया है। राज्य मंत्रिमंडल ने नागरिकों, जनता के सभी वर्गों तथा पदाधिकारियों की भावनाओं तथा प्रस्तुतियों पर सकारात्मक प्रतिभाव देते हुए बनासकाँठा जिले का विभाजन कर नए वाव-थराद जिले तथा राज्य की वर्तमान 21 तहसीलों का विभाजन कर नई 21 तहसीलों के गठन के प्रस्ताव को सर्वसंमति से मंजूरी दी है।
गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल (PHOTO-ANI)
राज्य सरकार के प्रवक्ता मंत्री ऋषिकेश पटेल ने मंत्रिमंडल के महत्वपूर्ण निर्णय की जानकारी देते हुए बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने प्रशासनिक सरलीकरण का जो विचार दिया है, उसे मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के दिशादर्शन में वर्तमान राज्य सरकार वेगवान बना रही है।मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार ने राज्य में शासन में प्रशासनिक विकेन्द्रीकरण से जिला-तहसील स्तरीय कार्यालयों के साथ कामकाज में सुगमता आए तथा नया तहसील मुख्यालय नजदीक में प्राप्त होने से सामाजिक, आर्थिक, स्वास्थ्य एवं शैक्षणिक सहित सर्वग्राही सुविधाओं में वृद्धि हो और सुदूरवर्ती गाँवों से तहसील मुख्यालय पर आने-जाने में समय, शक्ति तथा धन की बचत हो; ऐसे जन हितकारी उदार दृष्टिकोण से इन नई 17 तहसीलों के गठन को मंजूरी दी है।
प्रवक्ता मंत्री ने कहा कि वाव-थराद जिले में वर्तमान बनासकाँठा जिले की 6 तहसीलों वाव, थराद, सुईगाम, भाभर, दियोदर तथा लाखणी का समावेश कर थराद को जिला मुख्यालय बनाते हुए वाव-थराद जिले के गठन को मंत्रिमंडल द्वारा मंजूरी दी गई है।उन्होंने नई तहसीलों के गठन का विवरण देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री के रूप में तहसील इकाई को विकास एवं प्रशासन में अधिक शसक्त बनाने के लिए आपणो तालुको-वाइब्रेंट तालुको (एटीवीटी) की विभावना दी थी और 2013 में नई 23 तहसीलों के गठन की घोषणा की थी। उसके बाद पहली बार मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल की सरकार ने सर्वाधिक 17 नई तहसीलों के गठन का निर्णय किया है।
ऋषिकेश पटेल ने कहा कि मुख्यमंत्री ने गत स्वतंत्रता दिवस पर ग्रामोत्थान योजना की जो घोषणा की है, उसका लाभ नवगठित होने वाली तहसीलों को मिलेगा, जिससे उनका भी शहरों की तर्ज पर विकास हो सकेगा।उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा विकसित भारत@2047 के किए गए संकल्प में विकसित गुजरात@2047 के लिए विकासशील तहसीलों का विकास हो; उस दिशा में नए जिला-तहसीलों का गठन किया जाएगा। इन नई 17 तहसीलों के गठन से वर्तमान 51 विकासशील तहसीलों की संख्या में 10 तहसीलों की वृद्धि होगी और उन्हें भी विकासशील तहसीलों को देय अनुदान का लाभ मिलने लगेगा। इतना ही नहीं; नए जिले व तहसीलों का नया प्रशासनिक ढाँचा स्थापित करने के साथ विभिन्न विकास कार्यों के लिए देय अनुदान में भी वृद्धि होगी।उन्होंने कहा कि देश में विकास के रोल मॉडल तथा ग्रोथ इंजन के रूप में स्थापित गुजरात की तहसीलों को भी विकास का मॉडल बनाने की दिशा में यह निर्णय महत्वपूर्ण सिद्ध होगा। नई तहसीलों के गठन से संबंधित विधिवत अधिसूचना शीघ्र जारी की जाएगी।
राज्य मंत्रिमंडल ने जिन नई तहसीलों के गठन को मंजूरी है, वे निम्नानुसार हैं :
क्रमजिलामूल तहसील/तहसीलों के नामनई प्रस्तावित तहसील का नामप्रस्तावित मुख्यालय
(1)महिसागर/पंचमहालसंतरामपुर तथा शहेरागोधरगोधर
(2)लूणावाडाकोठंबाकोठंबा
(3)नर्मदाडेडियापाडाचीकदाचीकदा
(4)वलसाडवापी ग्राम्य, कपराडा, पारडी नाना पोंढानाना पोंढा
(5)बनासकाँठाथरादराहराह
(6)वावधरणीधरढीमा
(7)काँकरेजओगडथरा
(8)दाँताहडादहडाद
(9)दाहोदझालोदगोविंद गुरु लीमडीलीमडी
(10)फतेपुरासुखसरसुखसर
(11)छोटा उदेपुरजेतपुर पावीकदवालकदवाल
(12)खेडाकपडवंज तथा कठलालफागवेलकापडीवाव (चिखलोड)
(13)अरवल्लीभिलोडाशामळाजीशामळाजी
(14)बायडसाठंबासाठंबा
(15)तापीसोनगढउकाईउकाई
(16)सूरतमांडवीअरेठअरेठ
(17)महुवाअंबिकावलवाडा
