CAG ने महाराष्ट्र सरकार को लगाई फटकार, 82 करोड़ का हेलीकॉप्टर 17 महीने तक रहा बेकार!

कैग ने नक्सल विरोधी अभियानों के लिए खरीदे गए 82.78 करोड़ रुपये के हेलीकॉप्टर के रखरखाव में देरी पर महाराष्ट्र सरकार को फटकार लगाई है। रिपोर्ट के अनुसार, एमआरओ एजेंसी नियुक्त करने में 10 महीने की देरी से हेलीकॉप्टर 17 महीने तक इस्तेमाल में नहीं आ सका। जिससे सरकार को करोड़ों रुपये का अतिरिक्त नुकसान हुआ।

Maharashtra News: भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) ने नक्सल विरोधी अभियानों के लिए खरीदे गए 82.78 करोड़ रुपये के हेलीकॉप्टर के रखरखाव के लिए एजेंसी नियुक्त करने में हुई देरी को लेकर महाराष्ट्र सरकार की आलोचना की है। कैग ने कहा कि इसके कारण हेलीकॉप्टर 17 महीने तक जमीन पर खड़ा रहा और सरकार पर 2.07 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ा, जिससे बचा जा सकता था।

Cag Report

सांकेतिक फोटो

रखरखाव एजेंसी तय करने में 10 महीने की देरी

राज्य विधानसभा में 10 जुलाई को पेश वर्ष 2024 की अनुपालन लेखा परीक्षा रिपोर्ट में कैग ने कहा कि हेलीकॉप्टर की आपूर्ति किए जाने के बाद महाराष्ट्र सरकार के विमानन निदेशालय को रखरखाव, मरम्मत और ओवरहॉल (एमआरओ) एजेंसी नियुक्त करने में लगभग 10 महीने लग गए। रिपोर्ट में कहा गया है, ’’एमआरओ एजेंसी को अंतिम रूप देने में लगभग 10 महीने की देरी के कारण हेलीकॉप्टर का अनिवार्य दैनिक निरीक्षण और जमीन पर इंजन चलाकर उसकी कार्यक्षमता की जांच नहीं हो सकी, जो उसकी उड़ान-योग्यता बनाए रखने के लिए जरूरी था।’’

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