'ETNow.in Business Conclave & Awards 2026 – West Edition' में महाराष्ट्र की पर्यावरण, जलवायु परिवर्तन और पशुपालन मंत्री पंकजा मुंडे ने राज्य के सतत विकास और जल प्रदूषण से निपटने के रोडमैप को साझा किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य में तेजी से हो रहे इंफ्रास्ट्रक्चर विकास के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता देना अनिवार्य है।
ETNow.in बिजनेस कॉन्क्लेव 2026 में पंकजा मुंडे
पंकजा मुंडे ने कहा कि पर्यावरण विभाग अकेले काम नहीं कर सकता, बल्कि इसे नगर विकास और ग्रामीण विकास विभागों के साथ मिलकर काम करने की जरूरत है, ताकि तेजी से हो रहे शहरीकरण के असर को संतुलित किया जा सके।
2,000 करोड़ रुपये से संवरेंगी 54 प्रदूषित नदियां
जल प्रदूषण को रोकने के लिए महाराष्ट्र सरकार ने 'महाराष्ट्र राज्य नदी पुनरुद्धार प्राधिकरण' (MSRRA) के गठन को मंजूरी दी है। यह एकीकृत निकाय नदियों के प्रदूषण को कम करने और उनके बेसिन के प्रबंधन का काम करेगा।
उन्होंने बताया कि राज्य के 54 प्रदूषित नदी खंडों को पुनरुद्धार के लिए चुना गया है, जो देश के किसी भी राज्य में सबसे अधिक है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर लगभग 2,000 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा।
इंफ्रास्ट्रक्चर और उद्योग के लिए सस्टेनेबल विजन
मंत्री पंकजा मुंडे ने कहा कि मुंबई और अन्य शहरों में फ्लाईओवर्स, पुलों और कोस्टल हाईवे का निर्माण स्वागत योग्य है, लेकिन इस विकास की कीमत पर्यावरण को नहीं चुकानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि आज उद्योग केवल उद्योग नहीं कहलाएगा, बल्कि इसे 'सस्टेनेबल उद्योग' और 'क्लाइमेट-फ्रेंडली उद्योग' बनना होगा। हिमालय से लेकर हिंद महासागर तक जलवायु परिवर्तन एक वैश्विक चिंता है और विकास योजनाओं में पर्यावरण को शामिल करना ही होगा।
पलायन रोकने और ग्रामीण रोजगार पर जोर
राज्य सरकार शहरों के लिए 'क्लाइमेट एक्शन प्लान' पर काम करने के साथ-साथ ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा दे रही है। इसका उद्देश्य लोगों को उनके घर के पास ही रोजगार और कमाई के अवसर उपलब्ध कराना है, ताकि मुंबई जैसे बड़े शहरों पर आबादी और शहरीकरण का दबाव कम हो सके।
