MP : फ्लायऐश से सड़कें, तकनीक से विकास... इंफ्रास्ट्रक्चर को नई दिशा; PWD-CSIR और AMPRI के बीच MoU

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि इंजीनियर में मुझे इंजन शब्द का आभास होता है। इंजन का अर्थ ही यही है कि जो सारी ताकत और क्षमता लगाकर संचालन करे। साथ ही उन्होने कहा कि लोक निर्माण विभाग और सीएसआईआर, एम्प्री के साथ नवाचार से अधोसंरचना विकास को नई दिशा मिलेगी।

भोपाल : भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में आयोजित 'राज्य स्तरीय अभियंता दिवस समारोह' में दीप प्रज्ज्वलन के बाद वंदे मातरम का गायन हुआ। कार्यक्रम में मौजूद इंजीनियरों ने कहा कि राज्य सरकार उनके कल्याण के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। सरकार की योजनाओं से जनता को लाभ हुआ है। इस दौरान सीएसआईआर, एम्प्री भोपाल और मध्य प्रदेश लोक निर्माण विभाग के बीच इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण के लिए एमओयू किया गया। यह अपनी तरह का पहला प्रयोग है। इसमें फ्लायऐश आधारित सीमेंट से सड़कें बनाई जाएंगी। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि 19-20वीं शताब्दी के दौरान हमारी सारी प्रतिभाएं देश को ध्यान में रखते हुए अलग-अलग प्रकार की राह बना रही थीं। उनमें एक महान शख्सियत मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया थे। उन्होंने इंजीनियरिंग की डिग्री के साथ शानदार जीवन जीया। उन्होंने कई विख्यात संरचनाएं बनाईं। उनकी एक-एक रचना उनकी सोच को दर्शाती है।

Engineers Day Bhopal Program

राज्य स्तरीय अभियंता दिवस समारोह में शामिल हुए सीएम मोहन यादव

सीएम डॉ. यादव ने कहा कि इंजीनियर में मुझे इंजन शब्द का आभास होता है। इंजन का अर्थ ही यही है कि जो सारी ताकत और क्षमता लगाकर संचालन करे। भारत की पहली संसद प्रदेश के मुरैना के पास के स्थान से प्रेरणा लेकर बनाई गई। आजादी के बाद जो दूसरा संसद भवन बना उसकी प्रेरणा भी विदिशा जिले के पास के बिजासन मंदिर से ली गई। उन्होंने कहा कि हमारी रचनाएं हजारों साल पुरानी हैं। इन रचनाओं में महान विभूतियों की कला साधना छिपी हुई है।

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