मध्य प्रदेश में UCC ड्राफ्ट को कैबिनेट की मंजूरी, शादी से लेकर लिव-इन तक सभी के लिए कानून होंगे एक समान

मध्य प्रदेश सरकार ने समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए इसके मसौदे को कैबिनेट से मंजूरी दे दी है। प्रस्तावित कानून के तहत विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और लिव-इन रिलेशनशिप जैसे व्यक्तिगत मामलों के लिए सभी नागरिकों पर एक समान कानूनी व्यवस्था लागू करने की तैयारी है।

Madhya Pradesh UCC: मध्य प्रदेश सरकार ने राज्य में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए इसके मसौदे को कैबिनेट की मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में "मध्य प्रदेश समान नागरिक संहिता, 2026" के प्रारूप को स्वीकृति दी गई। सरकार का कहना है कि इसका लक्ष्य विवाह, तलाक, उत्तराधिकार, भरण-पोषण और लिव-इन रिलेशनशिप जैसे व्यक्तिगत मामलों में सभी नागरिकों के लिए एक समान कानूनी व्यवस्था लागू करना है। मुख्यमंत्री ने इसे संविधान में निहित समानता, न्याय और धर्मनिरपेक्षता के सिद्धांतों को मजबूत करने वाला ऐतिहासिक कदम बताया।

मध्य प्रदेश में UCC ड्राफ्ट को कैबिनेट की मंजूरी, शादी से लेकर लिव-इन तक सभी के लिए कानून होंगे एक समान

अनुसूचित जनजातियों को विशेष संरक्षण

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि संविधान के नीति-निदेशक तत्वों में शामिल अनुच्छेद-44 के अनुरूप यह मसौदा तैयार किया गया है। उनके अनुसार, अलग-अलग व्यक्तिगत कानूनों के कारण उत्पन्न असमानताओं को समाप्त कर महिलाओं को समान अधिकार, सुरक्षा और न्याय उपलब्ध कराना इस संहिता का प्रमुख उद्देश्य है। सरकार का दावा है कि यह कानून धार्मिक रीति-रिवाजों और परंपराओं का सम्मान करते हुए केवल उन प्रावधानों को लागू करेगा जो सार्वजनिक नीति और नैतिकता के अनुरूप हों। प्रस्तावित यूसीसी के तहत अनुसूचित जनजातियों को विशेष संरक्षण दिया गया है। संविधान के अनुच्छेद 342 और अनुच्छेद 366(25) के अंतर्गत आने वाली जनजातियां, जैसे भील, गोंड, बैगा, कोरकू, सहरिया और भारिया, इस कानून के दायरे से बाहर रहेंगी। इसके अलावा, संविधान के भाग-21 के तहत संरक्षित पारंपरिक अधिकार रखने वाले समुदायों पर भी यह संहिता लागू नहीं होगी।

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