UP Devlopment News : योगी सरकार में उत्तर प्रदेश विकास के पथ पर तेजी से दौड़ता नजर आ रहा है। सूबे में एक ओर तेजी से एक्सप्रेस-वे का निर्माण हो रहा है तो वहीं दूसरी मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए भी काम हो रहा है। इसी बीच यूपी के लोगों के लिए एक और खुशखबरी है। दरअसल, यूपी का विकास अब रोड या इंफ्रास्ट्रक्चर ही सीमित नहीं है बल्कि अब यूपी मेडिकल डिवाइस इंडस्ट्री के हब बनने की दिशा में अग्रसर है। इसका निर्माण गौतमबुद्ध नगर में यमुना एक्सप्रेस-वे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी के सेक्टर-28 में होगा। जिसका कुल क्षेत्रफल 350 एकड़ बताया जा रहा है। इतना ही नहीं इस मेडिकल डिवाइस पार्क को बेहतरीन कनेक्टिविटी से लैस रखा जाएगा ताकि यहां के विकास को मेट्रो, एक्सप्रेस-वे, ट्रांसपोर्ट नगर के साथ बुलेट ट्रेन की भी रफ़्तार मिल सके।
यूपी को योगी सरकार देने जा रही मेडिकल डिवाइस पार्क का तोहफा। (सांकेतिक फोटो)
अब तक क्या काम हुआ
यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी डॉ. अरुणवीर सिंह इस पूरे प्रोजेक्ट के काम के बारे में जानकारी दी। वे बोले कि भूखंडों के आवंटियों के साथ एक बैठक आयोजित की गई, जिसमें उन्हें भूमि आवंटन से संबंधित पत्र सौंपे गए हैं। पार्क के लिए अब तक 59 भूखंडों का आवंटन किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि मेक इन इंडिया व आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना को साकार करने के लिए मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में इस मेडिकल डिवाइसेज पार्क को विश्व स्तरीय सुविधा संपन्न बनाने पर तेज गति से काम हो रहा है। पार्क में भारत सरकार के मिनिस्ट्री ऑफ़ कॉमर्स की ओर से एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल की स्थापना भी की जा रही है। इससे उद्योगपतियों को अब एक्सपोर्ट डॉक्यूमेंटेशन, एक्सपोर्ट ग्रांट, एमएआई ग्रांट आदि कार्यों के लिए कहीं और जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। हम एडमिनिस्ट्रेटिव ब्लॉक का निर्माण भी करा रहे हैं।
छोटे उद्योगपतियों को होगा ज्यादा फायदा
डॉ. अरुणवीर सिंह बताते हैं कि यहां कॉमन हाइड्रैंट की सुविधा प्रदान की जायेगी। हाईवे पर साइनेज की व्यवस्था करने के लिए महाप्रबंधक परियोजना को निर्देशित किया गया है। साथ ही आवंटियों को अवगत कराया गया है कि इस योजना के निकटवर्ती गांवों में और प्राधिकरण क्षेत्र में बने सेक्टर में आवासीय सुविधा भी उपलब्ध है। सेक्टर 33 में ट्रांसपोर्ट नगर की योजना लाई जा रही है, जिससे यातायात की सुविधा भी इस मेडिकल डिवाइसेज पार्क को मिल सकेगी। औद्योगिक इकाइयों को भी अलग से आरक्षण का लाभ मिलेगा साथ ही इस सेक्टर में पुलिस चौकी की स्थापना भी कराई जाएगी। सेक्टर-28 में दो फ्लैटेड फैक्ट्रियों के निर्माण होने से छोटे उद्योगपतियों को भी किराये पर फैक्ट्री लगाने व स्टार्टअप करने में मदद मिलेगी।
और भी होंगे फायदे
क्षेत्र में मेडिकल डिवाइस पार्क बनने से जो सबसे बड़ा फायदा होगा वो ये है कि इससे युवाओं के लिए रोजगार का एक और द्वार खुल जाएगा। यातायात की बेहतर सुविधा होने से यहां के लोगों को भी सहूलियत मिलेगी। बता दें कि मुख्य कार्यपालक अधिकारी ने सभी उद्योगपतियों को भरोसा दिलाया है कि वह अपनी किसी भी समस्या के समाधान के लिए प्राधिकरण में मिलने आ सकते हैं।
