उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने न्यूज एजेंसी PTI को एक खास इंटरव्यू दिया। इस इंटरव्यू के दौरान उनसे सड़क पर नमाज, बुल्डोजर एक्शन, वक्फ संशोधन बिल सहित तमाम प्रश्न पूछे गए, जिनका उन्होंने बेबाकी से जवाब दिया। इंटरव्यू में उनसे प्रधानमंत्री के तौर पर देश का नेतृत्व करने के संबंध में भी पूछा गया, जिसका उन्होंने जवाब भी दिया। चलिए जानते हैं -
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से पूछा गया कि RSS आपको पसंद करता है, मोदी जी आपको पसंद करते हैं। वे आपको UP और योगी मिलाकर UPयोगी कहते हैं। इस देश में एक बहुत बड़ा तबका आपको कभी न कभी प्रधानमंत्री के रूप में देखना चाहता है। इस बारे में आप क्या कहेंगे?
इस प्रश्न के उत्तर में योगी आदित्यनाथ ने कहा, 'मैं उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री हूं, यूपी की जनता के लिए पार्टी में मुझे यहां लगाया है और राजनीति मेरे लिए फुलटाइम जॉब नहीं है। ठीक है, इस समय हम यहां काम कर रहे हैं। लेकिन मैं वास्तव में हूं तो एक योगी ही। हम लोग जिस समय तक हैं, हैं... काम कर रहे हैं। इसकी भी एक समय-सीमा होगी।'
भाषा विवाद पर बेबाक योगी
देश में भाषा विवाद पर योगी आदित्यनाथ ने बेबाकी से अपनी बात रखी। उन्होंने कहा, यूपी में हम तमिल भी पढ़ा रहे हैं। तेलुगू भी पढ़ा रहे हैं, मलयालम भी पढ़ा रहे हैं, कन्नड़ भी पढ़ा रहे हैं, बंगाली भी पढ़ा रहे हैं, मराठी भी पढ़ा रहे हैं। क्या उससे यूपी छोटा हो गया क्या? यूपी में रोजगार के नए अवसर खुल रहे हैं। नए लोगों के लिए जॉब क्रिएट हो रहे हैं।
उन्होंने कहा, जो लोग अपनी संकीर्ण राजनीतिक स्वार्थों के चलते ये भाषा विवाद खड़ा कर रहे हैं। उससे उनका राजनीतिक उल्लू तो सीधा हो सकता है, लेकिन युवाओं के रोजगार में वह एक प्रकार से प्रहार कर रहे हैं। चाहे ऐसा करने वाले कोई भी हों, यही कारण है कि वे राज्य धीरे-धीरे करके पिछड़ते जा रहे हैं। उन्होंने स्टालिन का नाम लिए बिना कहा कि उनके पास कोई और मुद्दा तो है नहीं, इसी प्रकार के मुद्दों को भड़का-भड़का करके ये लोग अपने राजनीतिक उल्लू को सीधा करते हैं।
