Bulldozer action in Varanasi: बनारस की सड़कों पर रविवार को जमकर बुलडोजर गरजा। पक्की बाजार इलाके में एक दर्जन दुकानों और मकानों को जमींदोज कर दिया गया। कार्रवाई की जद में पद्मश्री और हॉकी के खिलाड़ी मोहम्मद शहीद का घर भी आया। प्रशासन ने मोहम्मद के शाहिद के मकान के एक हिस्से को गिरा दिया। बुलडोजर की कार्रवाई से हड़कंप की स्थिति बनी रही। इस दौरान स्थानीय पुलिस के साथ ही पैरामिलिट्री फोर्स के दो सौ जवान भी मौजूद थे।
बुलडोजर एक्शन से गुस्से में मो. शाहिद के परिजन
मुस्लिम बहुल इलाके में बुलडोजर एक्शन
संदहा से गोलघर तक सड़क को चौड़ा किया जा रहा है। लगभग छह किमी तक सड़क को फोरलेन किया जा रहा है। पुलिस चौराहे तक चौड़ीकरण का काम पूरा हो चुका है। लेकिन इसके आगे पेंच फंस गया है। सड़क किनारे लोग अपनी दुकानों और मकानों को खाली करने के लिए तैयार नहीं थे। दो महीने पुलिस चौराहे पर बुलडोजर चलाकर चालीस मकानों को जमींदोज कर दिया गया था। इस बीच रविवार को फिर से अभियान शुरू किया गया। दोपहर बारह बजे बुलडोजर पक्की बाजार पहुंचे और दुकानों को तोड़ना शुरू कर दिया। प्रशासन की कार्रवाई से लोगों में हड़कंप मच गया। सबसे पहले दायम खान मस्जिद के आगे की दुकानों को तोड़ा गया। हालांकि स्थानीय लोगों का आरोप था कि प्रशासन ने नापी तीन फीट की थी लेकिन अब पूरी दुकान को तोड़ा जा रहा है।
बुलडोजर एक्शन से गुस्से में मो. शाहिद के परिजन
बुलडोजर कार्रवाई की जद में हॉकी खिलाड़ी मोहम्मद शाहिद का घर भी आया। प्रशासन ने उनके मकान के एक हिस्से को तोड़ दिया। मोहम्मद शाहिद ने इसी मकान से निकलकर हॉकी की दुनिया में भारत का नाम रौशन किया। जिस वक्त उनके मकान पर बुलडोजर चल रहा था, आसपास के लोग गुस्से में दिखाई दिए। मोहम्मद शाहिद के परिजनों का आरोप था कि परिवार के तीन सदस्यों को अभी मुआवजा नहीं मिला है। लिहाजा बुलडोजर की कार्रवाई पर रोक लगाई जाए। दूसरी तरफ एडीएम सिटी आलोक वर्मा ने बताया कि मोहम्मद शाहिद के छह भाइयों को मुआवजा दिया जा चुका है। तीन भाइयों के हिस्से को फिलहाल छोड़ दिया गया है।
