UP Weather Today: पहाड़ी इलाकों में हो रही बर्फबारी और हिमालयी हवाओं का उत्तर भारत के मौसम पर असर पड़ रहा है। बर्फीली हवाओं के कारण यूपी में ठंड के तेवर देखने को मिल रहे हैं। यूपी में शीतलहर का सिलसिला अभी भी जारी है और आने वाले दिनों में भी जारी रहने की संभावना है। अयोध्या का न्यूनतम तापमान 4.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया जा रहा है। राजधानी लखनऊ की बात करें तो लखनऊ के तापमान में भी कमी दर्ज की गई है। शहर का न्यूनतम तापमान 6.2 डिग्री तक पहुंच गया है। ठंड से बचने के लिए लोग आवश्यक सारे जतन कर रहे हैं। ठंड को देखते हुए रजाई-कंबल छोड़ बाहर निकलने का मन नहीं कर रहा है। साथ ही ठंड से बचने के लिए लोग अलाव का सहारा ले रहे हैं। यूपी के अधिकांश हिस्सों में लोग घरों के बाहर अलाव जलाए नजर आ रहे हैं। इस बीच आइए आपको बताएं कैसा रहेगा आज मौसम का हाल -
यूपी में शीतलहर का कहर
उत्तर प्रदेश में आज मौसम का हाल
मौसम विभाग द्वारा आज प्रदेश के 31 जिलों में कोल्ड वेव का अलर्ट जारी किया गया है। विभाग ने पश्चिमी व पूर्वी यूपी में मौसम के साफ रहने की संभावना जताई है। वहीं सुबह-शाम के दौरान कहीं-कहीं हल्का कोहरा छाया रहेगा। जैसे दिन चढ़ेगा वैसे-वैसे कोहरे में कमी आएगी। दोपहर के समय खिली धूप होने के कारण ठंड से कुछ राहत मिलेगी। शाम होते ही न्यूनतम तापमान में आई कमी से लोगों को कांपते दिखाई देंगे। मौसम विभाग ने लोगों को ठंड से बचे रहने के लिए और लेयर्स में गर्म कपड़े पहनने की सलाह दी है। साथ ही बच्चों और बुजुर्गों को शीतलहर से बचने की सलाह दी है।
यूपी के इन जिलों में कोल्ड वेव का अलर्ट
यूपी के 31 जिलों में कोल्ड वेव का अलर्ट जारी किया है। इन 31 जिलों में सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, बागपत, बिजनौर, मुरादाबाद, ज्योतिबा फुले, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, खीरी, सीतापुर, बहराइच, श्रावस्ती, सिद्धार्थनगर, महराजगंज, बलरामपुर, गोरखपुर, कुशीनगर, देवरिया, गोंडा, बस्ती, संत कबीर नगर, बलिया, मऊ, आजमगढ़, अंबेडकरनगर, सुल्तानपुर, अमेठी, रायबरेली और अयोध्या शामिल हैं। यहां सर्द हवाओं के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है। बता दें कि प्रदेश का सबसे ठंडा शहर अयोध्या बना हुआ है।
आने वाले दिनों में मौसम का हाल
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, यूपी में 16 से 17 दिसंबर तक मौसम साफ बना रहेगा। सुबह के दौरान कहीं हल्का तो कहीं घना कोहरा छाया रहेगा। कोहरे के कारण विजिबिलिटी कम होने से यातायात व्यवस्था पर भी प्रभाव पड़ेगा।
