UP Ka Mausam (यूपी में आज का मौसम कैसा रहेगा) 05-September-2025: उत्तर प्रदेश में मौसम बार-बार करवट बदल रहा है। यूपी में कभी तीखी धूप तो कहीं तेज बारिश का मौसम देखने को मिल रहा है। एक बार फिर प्रदेश में मौसम ने रुख बदला है। पिछले कई दिनों से जारी तेज बारिश का सिलसिला अब थमने वाला है। प्रदेश में बारिश की गतिविधियों में कमी देखने को मिल रही है। जिसके बाद अब गर्मी परेशान करने वाली है। मौसम विभाग के अनुसार अगले 3 से 4 दिनों के दौरान कभी भी भारी बारिश का कोई अलर्ट नहीं है। ऐसे में तापमान में भी बढ़ोत्तरी होने की संभावना है। जिससे लोगों को उमस भरी गर्मी का सामना करना पड़ सकता है।
यूपी में आज का मौसम
यूपी में आज कैसा रहेगा मौसम
मौसम विभाग के अनुसार आज यूपी के पूर्वी हिस्से में कहीं-कहीं बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। वहीं पश्चिमी भाग में कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश होने के आसार हैं। इस दौरान प्रदेश के दोनों हिस्सों भारी बारिश की कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है। हालांकि आज सुबह के समय इटावा, झांसी, ललितपुर, जालौन, हमीरपुर, महोबा, बांदा, फतेहपुर, उन्नाव, कानपुर नगर, कानपुर देहात, कन्नौज, उन्नाव, संभल, बदायूं, बरेली, पीलीभीत और कासगंज में हल्की से मध्यम बारिश देखने को मिल सकती है। साथ ही कुछ जगहों पर मेघगर्जन और वज्रपात की भी संभावना जताई गई है।
यूपी में आने वाले दिनों में मौसम
यूपी में पश्चिमी हिस्से में 6 से 9 सितंबर के बीच कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। वहीं पूर्वी हिस्से में कुछ जगहों पर बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती है। इस दौरान दोनों हिस्से में कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है। हालांकि 9 सितंबर को पूर्वी यूपी में कुछ जगहों पर भारी बारिश होने का अलर्ट जारी किया गया है। तापमान की बात करें तो प्रदेश में अगले 5 दिनों तक अधिकतम और न्यूनतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव होने की संभावना नहीं है।
पश्चिमी यूपी में हुई अधिक बारिश
यूपी में इस मानसून सीजन में अब तक पश्चिमी हिस्से में औसत से 24 फीसदी अधिक बारिश दर्ज की गई है। वहीं पूर्वी यूपी में सामान्य से 11 प्रतिशत कम बारिश हुई। फिलहाल प्रदेश में बारिश की गतिविधियों में कमी आ गई है, लेकिन अभी भी नदियां उफान पर बह रही हैं। यूपी और आसपास के राज्यों में जारी तेज बारिश के चलते गंगा, यमुना, सरयू, शारदा जैसी प्रमुख नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है। जिसके चलते नदियों से सटे जिलों में निचले इलाके बाढ़ की चपेट से जूझ रहे हैं। जिसके कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।
