वैदिक परंपरा से लेकर आधुनिक साइबर सुरक्षा और फॉरेंसिक विज्ञान में प्रदेश की सफलता; टेक्नोलॉजी के साथ UP पुलिस

भारतीय संस्कृति की मंथन परंपरा से प्रेरित होकर लखनऊ में तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन किया गया। उत्तर प्रदेश इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेंसिक साइंसेज के स्थापना दिवस पर आयोजित इस सेमिनार का उद्घाटन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया। कार्यक्रम में साइबर अपराध, फॉरेंसिक विज्ञान और तकनीकी सुरक्षा के नए आयामों पर चर्चा हुई।

Forensic Science in India: भारतीय परंपरा में जब भी मंथन होता है, उससे अमृत रूपी समाधान अवश्य निकलता है। यह परंपरा वैदिक काल से चली आ रही है और इसी के चलते देश में चार प्रमुख कुंभ स्थलों पर विशाल आयोजनों की परंपरा बनी हुई है। ऐसे आयोजन न केवल भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा को सहेजते हैं, बल्कि समाज में एकता और विचारों के आदान-प्रदान का सशक्त मंच भी प्रदान करते हैं। इसी विचारधारा को आगे बढ़ाते हुए लखनऊ में तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन किया गया है।

Seminar organized on the foundation day of Uttar Pradesh Institute of Forensic Sciences

उत्तर प्रदेश इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेंसिक साइंसेज के स्थापना दिवस पर सेमिनार का आयोजन

उत्तर प्रदेश इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेंसिक साइंसेज के तीसरे स्थापना दिवस पर आयोजित इस सम्मेलन का उद्घाटन सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया। साइबर युद्ध के आयाम, बहुपक्षीय कानूनी ढांचा, फॉरेंसिक और रणनीतिक प्रतिकार विषय पर केंद्रित इस सेमिनार में उन्होंने कहा कि ऐसे मंच आधुनिक भारत की बौद्धिक चेतना को मजबूती प्रदान करते हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने पद्मश्री डॉ. लालजी सिंह एडवांस्ड डीएनए डायग्नोस्टिक सेंटर, एआई, ड्रोन और रोबोटिक्स लैब तथा अटल पुस्तकालय का लोकार्पण किया। साथ ही छात्र-छात्राओं को स्मार्ट टैबलेट वितरित किए और 75 मोबाइल फॉरेंसिक वैन का फ्लैग ऑफ किया।

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