Yogi Cabinet Decision: उत्तर प्रदेश में सरकारी अस्पताल में काम कर रहे चिकित्सकों के लिए मंगलवार को योगी कैबिनेट ने बड़ा फैसला लिया गया है। दरअसल, सेवानिवृत्ति को लेकर साल भर से मशक्कत कर रहे डॉक्टरों की मांग को योगी कैबिनेट में मंजूरी दे दी गई है। बता दें इसके लिए चिकत्सकों ने सेवानिवृति की उम्र 62 से 65 बढ़ाने की मांग की थी। हालांकि कुछ डॉक्टर इसके पक्ष में थे, तो कुछ इसके विपक्ष में थे। बता दें भविष्य में मुख्यमंत्री के द्वारा इसमें बदलाव भी किया जा सकता है।
Yogi Cabinet Meeting: यूपी में तीन साल और कर सकेंगे सरकारी अस्पताल में डॉक्टर काम, सेवानिवृति की अवधि बढ़ी (Photo: Pixabay)
कौन है इनमें शामिल
हालांकि यह निर्णय सबके लिए नहीं लिया गया है। कैबिनेट के निर्णय के अनुसार प्रादेशिक चिकित्सा सेवा संवर्ग के लेवल-1, लेवल-2, लेवल-3 तथा लेवल-4 तक के चिकित्साधिकारियों की अधिवर्षता आयु 62 वर्ष से बढ़ाकर 65 वर्ष कर दी जाएगी। जबकि, महानिदेशक (लेवल-7), निदेशक (लेवल-6), अपर निदेशक (लेवल-5) के चिकित्साधिकारी 62 वर्ष की आयु में ही सेवानिवृत्त हो सकेंगे।
वहीं, संयुक्त निदेशक ग्रेड (लेवल-4) के चिकित्साधिकारी यथा संयुक्त निदेशक, मुख्य चिकित्साधिकारी, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी, प्रधानाचार्य (ट्रेनिंग सेन्टर), जिला क्षय रोग अधिकारी, जिला कुष्ठ रोग अधिकारी, नगर स्वास्थ्य अधिकारी आदि प्रशासनिक पद पर सेवारत अधिकारी 62 साल की उम्र पूरी करने के बाद वह उक्त प्रशासनिक पदों पर कार्य नहीं कर सकेंगे, लेकिन चिकित्सालयों में चिकित्सक के पद के सापेक्ष 65 वर्ष की आयु तक कार्य कर सकेंगे।
अपनी इच्छा से कर सकते हैं सेवानिवृत्ति
बता दें 62 वर्ष की आयु पूर्ण करने के बाद अगर वह लेवल-1, लेवल-2, लेवल-3 तथा लेवल-4 तक का कोई भी चिकित्सक यदि आगे अपनी इच्छा से 65 वर्ष की आयु तक चिकित्सीय पद के सापेक्ष कार्य नहीं करना चहता है, तो वह अपनी इच्छा से सेवानिवृत्ति के लिए आवेदन कर सकता है। बताया जा रहा है कि प्रान्तीय चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवा संवर्ग में चिकित्सकों की उपलब्धता होने से आम जनमानस को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं सुलभ होंगी।
