अवैध ई-रिक्शों को लेकर UP प्रशासन सख्त, लापरवाही के चलते 20 जिलों को भेजा गया नोटिस

उत्तर प्रदेश परिवहन विभाग की तरफ से अवैध ई-रिक्शा को लेकर चलाए जा रहे अभियान के सोलहवें दिन समीक्षा की गई। जिसमें 16 जनपदों में अफसरों के बेहतर प्रदर्शन पर तारीफ हुई और 20 जिलों को खराब प्रदर्शन के कारण बताओ नोटिस दिया गया। 30 अप्रैल तक चलाए जाने वाले इस अभियान में अब तक 18,816 चालान किए गए हैं।

Lucknow: कुछ दिनों से अवैध ई-रिक्शा और ऑटो के खिलाफ बरती जा रही सख्ती पर उत्तर प्रदेश सरकार गंभीर है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर परिवहन विभाग की तरफ से 30 अप्रैल तक अवैध ई-रिक्शा के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। अभियान की प्रगति को लेकर परिवहन आयुक्त ब्रजेश नारायण सिंह ने समीक्षा की। इसमें प्रदर्शन के आधार पर जिलेवार सूची भी बनाई गई। सूची में खराब प्रदर्शन करने वाले 20 जिलों को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया है।

action against illegal e rickshaw

अवैध ई-रिक्शों पर सरकार सख्त (सांकेतिक तस्वीर)

सुरक्षित यातायात के लिए चल रही है मुहिम

उत्तर प्रदेश में आमजन को सुगम और सुरक्षित यातायात की सुविधा मुहैया कराने के लिए परिवहन विभाग एक विशेष अभियान चला रहा है। जिसके तहत अवैध और अनधिकृत ई-रिक्शा के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। इसकी समीक्षा में सामने आया कि अब तक इस अभियान में 18,816 वाहनों के चालान किए जा चुके हैं, जिनमें 2,316 अपंजीकृत ई-रिक्शा शामिल हैं। वहीं 6,662 वाहन सीज किए गए हैं। इस अभियान की जिम्मेदारी परिवहन आयुक्त बृजेश नारायण सिंह और अपर परिवहन आयुक्त (प्रवर्तन) संजय सिंह ने उठाई है।

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