लखनऊ : पूर्व राष्ट्रपति महान शिक्षाविद भारत रत्न’ डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती एवं 'शिक्षक दिवस' के अवसर पर लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने शिक्षकों का कैशलेस इलाज कराने का ऐलान किया है। लखनऊ स्थित लोक भवन में आयोजित सम्मान समारोह में सीएम ने घोषणा की कि अब सभी शिक्षकों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इस योजना का लाभ शिक्षामित्रों और अनुदेशकों को भी दिया जाएगा। इतना ही नहीं शिक्षामित्रों और अनुदेशकों का मानदेय भी बढ़ाया जाएगा। इसके लिए एक उच्च स्तरीय समिति गठित की गई है। समिति की रिपोर्ट जल्द आने वाली है, जिसके बाद उनका मानदेय बढ़ा दिया जाएगा।
लखनऊ में शिक्षक दिवस के मौके पर सीएम योगी (फोटो-@myogiadityanath)
किसे मिलेगा कैशलेस इलाज का लाभ
इसमें प्राथमिक, उच्च प्राथमिक और वित्त पोषित समेत सभी सरकारी शिक्षकों को इस सुविधा के दायरे में लाने की बात कही गई है। इसके अलावा शिक्षा मित्रों, अनुदेशकों और स्कूल रसोइयों को भी स्कीम के तहत लाभ दिया जाएगा। इस ऐलान से करीब 9 लाख परिवारों को डायरेक्ट फायदा मिलेगा।
कैशलेस योजना की सुविधा मिलने से पर्याय है कि शिक्षक या उसके फैमिली में किसी भी मेंबर को बीमारी की स्थिति में संबंधित हॉस्पिटल में शुरुआती इलाज के लिए कैश की व्यवस्था नहीं करनी होगी, तुरंत कैश भुगतान की चिंता से मुक्त इलाज संभव होगा। इलाज के बाद बीमा के दायरे में अगर खर्च आता तो जेब पर भी असर नहीं पड़ेगा, जिससे बड़ी संख्या में शिक्षा के क्षेत्र से जुड़े परिवारों को लाभ मिलेगा। इस काम की मॉनीटरिंग के लिए कमेटी भी गठित की जाएंगी।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि प्रदेश भर के शिक्षकों से यही कहूंगा कि आप लोग अच्छा करिए हम आपके साथ में है। शिक्षक दिवस पर आप सबके मन में होगा कि और क्या हो सकता है। हम आज घोषणा करना चाहते हैं और वह यह कि प्रदेश के सभी शिक्षकों को हम कैशलेस उपचार की व्यवस्था का लाभ देंगे। इसके साथ ही शिक्षामित्र, अनुदेशक और रसोईया को भी हम इसके साथ जोड़ेंगे। यानी इस सुविधा का लाभ उत्तर प्रदेश के लगभग 9 लाख शिक्षकों यानी 9 लाख परिवारों को मिलेगा। बेसिक शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा और उच्च शिक्षा विभाग जल्द से जल्द सभी औपचारिकताओं को पूर्ण करके एक समय सीमा के अंदर कैशलेस उपचार की सुविधा देने के लिए कार्य करेगा।
शिक्षा मित्र और अनुदेशकों का मानदेय बढ़ाने पर भी निर्णय
मुख्यमंत्री ने यह भी ऐलान किया कि शिक्षामित्रों और अनुदेशकों के मानदेय को बढ़ाने के लिए एक उच्चस्तरीय समिति गठित की गई है। समिति की रिपोर्ट आने के बाद सरकार जल्द ही इस पर सकारात्मक निर्णय लेगी। उन्होंने कहा कि सरकार का निर्णय इसलिए है कि कि यह लोग भी हमारे साथ कदम से कदम मिलाकर इस अभियान को ताकत देते है। इसके लिए बहुत शीघ्र रिपोर्ट आने वाली है और हम उसे दिशा में कुछ बेहतर करने का प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा कि शिक्षक केवल ज्ञानदाता नहीं, बल्कि राष्ट्र की नींव मजबूत करने वाले निर्माता हैं। उनके सम्मान और सुविधाओं की चिंता सरकार की प्राथमिकता है।
