Lucknow Robbery: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के इंदिरानगर सेक्टर-13 में मॉर्निंग वॉक से लौटे रिटायर्ड भूगर्भ वैज्ञानिक और उनकी पत्नी को घर में छिपे बदमाशों ने बंधक बना लिया। इसके बाद बदमाशों ने उसने दो लाख रुपये के गहने, हजारों की नगदी और दो मोबाइल फोन लूट लिए। बुजुर्ग दंपति को लूटने के बाद बदमाशों ने फरार से पहले उनके पैर छूए और लूट के लिए माफी मांगी। बदमाशों ने कहा कि बीमार मां के इलाज के रुपये नहीं है, कहीं से इंतजाम भी नहीं हो रहा था, इसलिए मजबूरी में आपके साथ लूट की वारदात की है। बुजुर्ग दंपति की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। डीसीपी उत्तरी सैयद कासिम आब्दी ने बदमाशों को पकड़ने के लिए तीन टीमों का गठन किया है।
रिटायर वैज्ञानिक व पत्नी को बंधक बना कर लूटा
इंदिरानगर सेक्टर-13 में वीरेंद्र मोहन (65) पत्नी चित्रा के संग रहते हैं। बेटी जॉली मोहन और कनिका मोहन मुम्बई में रह रही है। वीरेंद्र ने बताया कि शुक्रवार सुबह करीब सात बजे वह मार्निंग वॉक से आए तो घर की सीढ़ियों पर मास्क लगाए दो युवक बैठे थे। उन्होंने अनजान युवकों को देखकर पूछताछ की तो, बदमाशों ने चाकू निकाल लिया।
दो लाख के गहने, छह हजार रुपये, 13 एटीएम कार्ड और दो मोबाइल लूटे
इसके बाद बदमाश वीरेंद्र को धमकाते हुए घर के अंदर ले गए। बदमाशों ने वीरेंद्र को धक्का देकर सोफे पर गिरा दिया। वीरेंद्र ने बताया कि विरोध करने पर एक बदमाश ने पास रखी मूर्ति उठा कर उनके सिर पर मार दी। शोर सुनकर पत्नी चित्रा मोहन आई और पति को बचाने के लिए बदमाशों से भिड़ गई। इस पर बदमाशों ने उन्हें भी पीटा। बदमाशों ने उनसे अलमारी की चाभी छीनी और वहां रखे करीब दो लाख के गहने, छह हजार रुपये, 13 एटीएम कार्ड और दो मोबाइल लूट लिए।
अंदर घुसते ही छह हजार रुपये लूटे
पूर्व भूवैज्ञानिक वीरेंद्र मोहन और उनकी पत्नी ने पुलिस को सूचना दी। सूचना पर पहुंची ने जांच शुरू की। बुजुर्ग दंपति ने पुलिस को बताया कि घर में घुसते ही बदमाशों ने जेब में रखे छह हजार रुपये लूटे। इसके बाद गहने और रुपयों के बारे में जानकारी की। वीरेंद्र द्वारा इनकार करने पर बदमाश उन्हें धक्का देते हुए घर में ले गए। वीरेंद्र ने बताया कि वह ज्यादातर जेवर बैंक लॉकर में रखते हैं। दिवाली पर कुछ गहने घर में रखे थे। अलमारी से गहने निकालने के बाद जब बदमाश जाने लगे तो दोनों ने वीरेंद्र और उनकी पत्नी के पैर छूकर माफी मांगी। दंपति से बदमाशों ने कहा कि मां के इलाज के लिए रुपयों की जरूरत थी। कहीं से इंतजाम नहीं हो पा रहा था। माफ कीजिएगा हमने मजबूरी में लूटपाट की है।
'शोर न मचाना, दो घंटे तक पुलिस को भी मत बुलाना'
चित्रा मोहन ने बताया कि बदमाश भागे तो घर के दरवाजे पर ताला लगा दिया। चित्रा ने जब उनसे कहा कि जेवर तो लूट लिए हैं, कम से कम चाभी दे जाओ। इस पर एक बदमाश बोला कि आप मजबूरी समझिए, मैंने आपसे कोई दुर्व्यहार नहीं किया। आप भी शोर न मचाना, दो घंटे तक पुलिस को भी मत बुलाना। बाकी आपकी मर्जी है। इतना कहकर बदमाश कमरे में चाबी फेंक कर फरार हो गए। किसी तरह पड़ोसियों की मदद से वीरेंद्र और चित्रा घर से बाहर आए और पुलिस को जानकारी दी। मामले में डीसीपी उत्तरी सैयद कासिम आब्दी ने बताया कि वीरेंद्र मोहन की सूचना पर लूट की धारा में मुकदमा दर्ज किया है। घटनास्थल के आस-पास लगे सीसी कैमरे खंगाले जा रहे हैं। फुटेज में दो संदिग्ध दिखाई दिए हैं। उनकी तलाश की जा रही है।
