उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से 37 लाख से अधिक की ठगी का एक बड़ा मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि जिले में पोलार्स इंफ्रा डेवलपर्स नामक रियल एस्टेट कंपनी पर एक महिला ने ठगी का आरोप लगाया है। महिला का कहना है कि कंपनी ने उसके साथ 37.77 लाख रुपये की ठगी की है। पीड़िता कुीर्ति कुरील ने इस कंपनी के माध्यम से दो प्रोजेक्टर में फ्लैट बुक किए थे। लेकिन लंबा समय बीतने के बाद भी उन्हें अभी तक उनके फ्लैट नहीं मिले हैं। इससे परेशान होकर महिला ने पुलिस में मामला दर्ज करवाया है।
लखनऊ में 37 लाख की ठगी
11 साल बाद भी फ्लैट का इंतजार
पीड़िता ने कंपनी के दो प्रोजेक्ट में तीन फ्लैट बुक किए थे, लेकिन 11 साल बीत जाने के बाद भी उसे फ्लैट नहीं मिले। कीर्ति के पति, अरुण कुमार, जो झारखंड के बोकारो स्टील सिटी में नौकरी करते हैं, ने बताया कि उनकी पत्नी कानपुर में अपने माता-पिता के पास रहती हैं। कीर्ति का आरोप है कि ऋषि चतुर्वेदी, जो उनके परिवार का जानकार है, ने उन्हें पोलार्स इंफ्रा डेवलपर्स के बारे में बताया और कंपनी के निदेशकों सुधीर कुमार और दिनेश मणि राम नरेश तिवारी से मिलवाया। इन निदेशकों ने आश्वासन दिया कि जल्द ही फ्लैट का निर्माण होगा।
कंपनी पर लाखों रुपये की ठगी का आरोप
इसके बाद कीर्ति ने कंपनी को टुकड़ों में 37.77 लाख रुपए का भुगतान किया। लेकिन जब फ्लैट नहीं मिले, तो कीर्ति ने ऋषि से संपर्क किया, जिसने टालमटोल करना शुरू कर दिया। जांच में पता चला कि कंपनी ने फ्लैट के नाम पर धोखाधड़ी की है। इस मामले में ब्रजेश चंद्र तिवारी ने ऋषि चतुर्वेदी, दिनेश मणि राम नरेश तिवारी, सुधीर कुमार और केएस बाजपेयी के खिलाफ धोखाधड़ी, गबन और आपराधिक साजिश की रिपोर्ट दर्ज कराई है।
