उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के पीजीआई इलाके में 14 साल की एक नाबालिग लड़की की संदिग्ध हालत में मौत हो गई। बताया जा रहा है कि नाबालिग इसी महीने 8 जुलाई को सरकारी स्कूल के एक टीचर के घर काम करने के लिए आई थी। सोमवार 15 जुलाई को अचानक लड़की की तबीयत बिगड़ी और उसकी मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि उनकी बेटी के साथ दुष्कर्म के बाद उसकी हत्या की गई है। पुलिस हर एंगल से मामले की जांच कर रही है।
लखनऊ में नाबालिग की संदिग्ध मौत
मृतक नाबालिग उन्नाव की रहने वाली थी और पांचवी कक्षा तक पढ़ी थी। गरीबी के चलते माता-पिता उसे आगे नहीं पढ़ा पाए। वह 6 महीने से उपहार उद्यान इंडिगो कॉलोनी पीजीआई में रहने वाले सरकारी टीचर सौरभ सिंह के घर में केयर-टेकर की नौकरी कर रही थी। बीच में वह कुछ दिन के लिए अपने घर उन्नाव गई थी। 8 जुलाई को वह लखनऊ वापस लौटी थी।
सौरभ सिंह का कहना है कि नाबालिग की सेहत पहले से ही खराब थी। उनके अनुसार लड़की को दौरे पड़ते थे और उसका लोकबंधु अस्पताल में इलाज चल रहा था। सोमवार को अचानक लड़की की सेहत बिगड़ गई और अस्पताल ले जाते समय उसने रास्ते में ही दम तोड़ दिया।
मृतक लड़की के परिवाजनों का का कहना है कि सौरभ सिंह उनके गांव में सरकारी टीचर हैं। लड़की का परिवार बहुत गरीब है और उसके पिता की 3 साल पहले मौत हो चुकी है। परिजनों ने बताया कि सौरभ सिंह उनके घर आए थे, उन्होंने परिवार से कहा कि लड़की को उनके लखनऊ वाले घर पर भेज दें। उन्होंने कहा, वहां हमारे माता-पिता और पत्नी रहते हैं। यहां वह घर के काम करेगी और परिवार के सदस्य की तरह रहेगी। इसके बदले में हर महीने कुछ पैसे और खाना व कपड़े देंगे।
लड़की की मां और परिवारजनों का कहना है कि लड़की के लखनऊ लाने के बाद उससे परिवार के किसी सदस्य की बात नहीं करवाई गई। परिवार ने बताया कि उन्होंने मास्टर जी से कई बार बच्ची से बात कराने को कहा तो वो हर बार कहते कि बाहर हैं। बेटी की ठीक होने का भरोसा दिया जाता था।
