Lucknow Shiv Mandir: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में अपनी ऐतिहासिक विरासत के साथ ही धार्मिक आस्था से ओत-प्रोत मंदिरों और घाटों के लिए भी मशहूर है। यहां पर कई प्राचीन और प्रसिद्ध मंदिर हैं। यह मंदिर हिंदुओं की आस्था और विश्वास के प्रतीक हैं। इस साल महाशिवरात्रि 18 फरवरी 2023 को है। राजधानी के शिव मंदिरों में महाशिवरात्रि पर भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है। महाशिवरात्रि पर प्राचीन और सिद्ध मंदिर में भगवान शिव और पार्वती माता की पूजा-अर्चना करने का विशेष महत्व होता है। मान्यता है कि शिवरात्रि पर भोलेनाथ का जलाभिषेक और रुद्राभिषेक करने से प्रसन्न हो जाते हैं।
राजधानी का श्री बुधेश्वर महादेव मंदिर
राजधानी में श्री बुधेश्वर महादेव मंदिर काफी प्राचीन और प्रसिद्ध मंदिर है। देवों के देव महादेव का यह सिद्ध मंदिर लखनऊ में राजाजीपुरम आलम नगर मोहन रोड पर स्थित है। प्राचीन मंदिर का निर्माण राजा बख्शी ने कराया था। मंदिर के बारे में ऐसा बताया जाता है कि भगवान श्रीराम, लक्ष्मण और माता सीता ने 'बनवास' जाते समय इस जगह पर महादेव की पूजा-अर्चना की थी। तब से मंदिर का नाम बुधेश्वर महादेव मंदिर हो गया था।
बहुत पुराना है मनकामेश्वर मंदिर
राजधानी लखनऊ स्थित मनकामेश्वर मंदिर का बहुत पुराना और मनोकामना पूर्ति वाला धाम है। लखनऊ के हसनगंज और डालीगंज के ठीक बीच में यह मंदिर है। मनकामेश्वर मंदिर जाने का लखनऊ विश्वविद्यालय से भी रास्ता है। बताया है कि सच्चे मन से जो भी भक्त भोले बाबा से मांगता है उसकी सभी मनोकामनाएं पूरी होती है। महादेव का यह मंदिर रोजाना सुबह पांच बजे से दोपहर 12 बजे तक और शाम को चार बजे से रात नौ बजे तक खुलाता है। महाशिवरात्रि और सावन में भोलनाथ बाबा के भव्य श्रृंगार के दर्शन के लिए भक्तों की लाइन लगी रहती है।नागेश्वर शिव मंदिर
लखनऊ में एक और प्रसिद्ध शिव मंदिर है। मुंशी त्रिपुर चंद बख्शी ने प्राचीन नागेश्वर शिव मंदिर का निर्माण करवाया था। ऐतिहासिक मंदिर का निर्माण करीब 300 वर्ष पहले नवाब अमजद अली शाह के शासनकाल के दौरान हुआ था। नागेश्वर शिव मंदिर में हर सोमवार को श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रहती है। लखनऊ के चौक में कोनेश्वर महादेव मंदिर बहुत मशहूर है। यहां आने वाले भक्तों की हर मनोकामना पूरी होती है।
