Monkey Pox: अब तक कई देशों में मंकी पॉक्स के मरीज मिले हैं। जिसे लेकर डब्लूएचओ (WHO) ने भारत में भी मंकी पॉक्स संक्रमण की आशंका जताई है। यूपी सरकार ने इसे लेकर सभी डीएमआर और सीएमओ को एयरपोर्ट पर जांच के निर्देश दिए हैं। साथ ही स्वास्थ्य विभाग ने सभी जिलों में एक चिकित्सा इकाई को रेफरल इकाई के रूप में बनाने के लिए निर्देश दिए हैं। जिससे की जरूरत पड़ने पर अस्पताल में मरीजों को भर्ती किया जा सके।
मंकी पॉक्स (प्रतीकात्मक तस्वीर)
मंकी पॉक्स को लेकर अलर्ट यूपी सरकार
स्वास्थ्य विभाग ने दूसरे देशों में बढ़ते मंकी पॉक्स के मामलों को देखकर सतर्क हो गया है। जिसके लिए सीएचसी- पीएचसी को अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं। इसी के साथ शरीर पर दाग, जलन और बुखार होने पर तुरंत डॉक्टर की सलाह का आग्रह किया है। हालांकि, अभी तक देश में मंकी पॉक्स के मामले नहीं पाए गए हैं।
घातक बीमारी से बचने के पूरे इंतजाम
बता दें, मंकी पॉक्स को लेकर देश भर में सतर्कता बरती जा रही है। यूपी सरकार ने निर्देश जारी कर इस घातक बिमारी से बचने के पूरे इंतजाम के आदेश दिए हैं। साथ ही स्वास्थ्य विभाग ने इसके लिए सीएमओ को पत्र भेजकर जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।
1 से 10% जान का खतरा
स्वास्थय अधिकारियों के अनुसार मंकी पॉक्स के मरीजों में अधिकांश बुखार, शरीर पर चकत्ते जैसे लक्षण पाए जाते हैं। मंकी पॉक्स होने पर सामान्यता दो या चार हफ्ते में इसके लक्षण सामने आने लगते हैं। लेकिन, मरीज गंभीर रूप से इसकी चपेट में आ सकता है। साथ ही मंकी पॉक्स होने पर मृत्यु दर 1 से 10% तक हो सकती है।
कैसे फैलती है ये बीमारी ?
मंकी पॉक्स एक से दूसरे मरीज को गंभीर रूप से बीमार कर सकती है। यह दूसरे मरीज के संपर्क में आने से फैलती है।
मंकी पॉक्स के लक्षण
डॉक्टरो के मुताबिक यह एक संक्रमण की बीमारी है। इसका शिकार हुए मरीजों को तेज बुखार, सिरदर्द की शिकायत होती है। इस दौरान मरीज को मांसपेशियों में खिचाव, पीठ दर्द, सूजन होती है। मरीज सुस्त हो जाता है। साथ ही बुखार होने पर दाने निकल आते हैं। बता दें कि यह दाने चिकन पॉक्स से बड़े होते हैं और इसमें खुजली होने से यह पक जाते हैं।
