लखनऊ में हाईटेक आईटी सिटी का आगाज, सुल्तानपुर रोड पर रखी जाएगी 1696 एकड़ में डिजिटल भविष्य की नींव

लखनऊ विकास प्राधिकरण ने अपनी बहुप्रतीक्षित आईटी सिटी परियोजना के तहत सुल्तानपुर रोड पर लगभग 1696 एकड़ क्षेत्र में एक अत्याधुनिक हाईटेक सिटी विकसित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस योजना के तहत, इन्वेस्ट यूपी के माध्यम से आईटी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और सॉफ्टवेयर सेक्टर में निवेश करने वाले निवेशकों को आकर्षित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) ने अपनी आईटी सिटी योजना के तहत सुल्तानपुर रोड पर 1696 एकड़ भूमि में हाईटेक सिटी विकसित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस योजना का उद्देश्य इन्वेस्ट यूपी के अंतर्गत आईटी, एआई और सॉफ्टवेयर उद्योग में निवेश को प्रोत्साहित करना है। मोहारी खुर्द गांव में एलडीए ने पहला साइट कार्यालय स्थापित कर निर्माण कार्य आरंभ कर दिया है। पहले चरण में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, जिसमें ग्राम बक्कास, सोनई कंजेहरा, सिकंदरपुर अमोलिया, सिद्धपुरा, परेहटा, पहाड़नगर टिकरिया, रकीबाबाद, मोहारी खुर्द, खुजौली और भटवारा शामिल हैं। अब तक चार गांवों के 23 भू-स्वामियों ने लैंड पूलिंग के माध्यम से करीब 265 बीघा भूमि नि:शुल्क देने का प्रस्ताव दिया है। एलडीए ने मोहारी खुर्द में 46 बीघा भूमि का कब्जा भी ले लिया है, जिससे परियोजना को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। लखनऊ की आईटी सिटी को सुल्तानपुर राष्ट्रीय राजमार्ग और किसान पथ के बीच विकसित किया जाएगा।

लखनऊ में हाईटेक आईटी सिटी का आगाज, सुल्तानपुर रोड पर रखी जाएगी 1696 एकड़ में डिजिटल भविष्य की नींव

दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक, इस महत्वाकांक्षी परियोजना में लगभग 4000 आवासीय भूखंड होंगे, जिनमें से 1800 भूखंड 200 वर्गमीटर के होंगे। साथ ही, 350 एकड़ का औद्योगिक क्षेत्र और 60 एकड़ का व्यावसायिक क्षेत्र भी आरक्षित किया गया है। पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए, इस योजना में ग्रीन बेल्ट, गोल्फ सिटी और 15 एकड़ की जल संरचना (वॉटर बॉडी) विकसित की जाएगी। अत्याधुनिक सुविधाओं में हाईटेक प्रौद्योगिकी पार्क, ग्लोबल बिजनेस पार्क, विज्ञान एवं इंजीनियरिंग उपकरण जोन, और सुपर स्पेशलिटी मेडिकल जोन शामिल होंगे। इसके अलावा, लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) अवैध प्लाटिंग के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रहा है और पिछले चार महीनों में 29 अवैध प्लाटिंग को ध्वस्त किया गया है। यह योजना न केवल लखनऊ के आईटी और औद्योगिक विकास को नई दिशा देगी, बल्कि रोजगार सृजन और आर्थिक प्रगति में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

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