लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) ने एक अहम पहल करते हुए शहर की सभी पुरानी और नई कॉलोनियों के नक्शों को डिजिटल स्वरूप में लाने का निर्णय लिया है। इस कदम का उद्देश्य नागरिकों को सरकारी कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर लगाने से मुक्ति दिलाना और बिल्डरों द्वारा की जाने वाली धोखाधड़ी पर अंकुश लगाना है।
एलडीए (फाइल फोटो)
डिजिटल नक्शों के ज़रिए लोग अपने घर से ही किसी भी कॉलोनी का लेआउट देख सकेंगे, जिससे फर्जी नक्शों और दस्तावेजों से बचाव संभव होगा। एलडीए पुराने, 60-70 साल पुराने जर्जर रिकॉर्ड्स को भी सुरक्षित रूप से डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाने की योजना पर काम कर रहा है, जिससे उनके खोने या नष्ट होने का खतरा नहीं रहेगा।
एक क्लिक में उपलब्ध
डिजिटलीकरण के पहले चरण में करीब 600 सरकारी और 1000 से अधिक निजी कॉलोनियों के नक्शों को डिजिटल किया जाएगा, जिन्हें एलडीए की वेबसाइट या पोर्टल पर देखा और डाउनलोड किया जा सकेगा। भविष्य में एलडीए की योजना व्यक्तिगत मकानों के नक्शों को भी डिजिटल करने की है, जिससे भवन निर्माण से संबंधित सभी दस्तावेज एक क्लिक में उपलब्ध होंगे।
इस पहल से संपत्ति विवादों में कमी, पारदर्शिता में वृद्धि और नागरिकों के समय की बचत होने की उम्मीद है। यह परियोजना लखनऊ को स्मार्ट गवर्नेंस की ओर अग्रसर करने वाला एक महत्वपूर्ण और दूरदर्शी कदम माना जा रहा है।
