यूपी के पूर्वांचल क्षेत्र का हवाई कनेक्टिविटी का सपना अब हकीकत बनने के बेहद करीब है। क्योंकि कुशीनगर इंटरनेशनल एयरपोर्ट से घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ान शुरू होने की संभावनाएं अब काफी बढ़ गई हैं। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आइएलएस (इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम) के लिए अधिग्रहित भूमि पर आठ किसानों की याचिकाओं को खारिज कर दिया है। इस फैसले से एयरपोर्ट संचालन की सबसे बड़ी बाधा भी दूर हो गई है।
कुशीनगर एयरपोर्ट से उड़ान भरेंगी घरेलू और इंटरनेशनल फ्लाइट (फोटो - Wikipedia)
अतिक्रमण हटाने और मकान खाली करने दिया नोटिस
जिला प्रशासन ने भलुही मदारी पट्टी के आठ किसानों को नोटिस जारी कर 48 से 72 घंटे के भीतर अतिक्रमण हटाने और मकान खाली करने का अल्टीमेटम दिया है। गौरतलब है कि 2020 में एयरपोर्ट विस्तार के लिए 547 किसानों से 30.14 एकड़ भूमि अधिग्रहित की गई थी, लेकिन आठ किसानों ने अदालत का दरवाजा खटखटाया और स्टे ले लिया था। इस कारण लंबे समय से आइएलएस और डीवीओआर (डॉपलर वेरी ओमिनी रेंज) सिस्टम की इंस्टॉलेशन का काम अटका हुआ था।
हाईकोर्ट ने की किसानों की याचिका खारिज
लंबी सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने किसानों की याचिका खारिज कर बंजर खाते की भूमि से अतिक्रमण हटाने का आदेश दिया। इसके साथ ही एयरपोर्ट पर आधुनिक नेविगेशन सिस्टम लगाने की राह साफ हो गई। एयरपोर्ट निदेशक प्रणेश कुमार राय ने बताया कि हाईकोर्ट का आदेश हमारे पक्ष में आया है। हमने तैयारियां तेज कर दी हैं और विमानन कंपनियों से लगातार संपर्क में हैं। हमारी कोशिश है कि जल्द ही कुशीनगर से घरेलू और अंतरराष्ट्रीय हवाई सेवाएं शुरू हो सकें।
कुशीनगर एयरपोर्ट से फ्लाइट भरेंगी उड़ान
एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एएआई) ने एयरलाइंस को आकर्षित करने के लिए विशेष रियायत देने का ऐलान किया है। तीन साल तक एयरलाइंस को लैंडिंग चार्ज फ्री रहेगा। इसके अलावा, यूजर डेवलपमेंट चार्ज (UDC) में भी बड़ी छूट दी गई है। एयरलाइंस को पहले वर्ष 100 प्रतिशत, दूसरे वर्ष 70 प्रतिशत और तीसरे वर्ष 40 प्रतिशत तक की छूट मिलेगी। कुशीनगर इंटरनेशनल एयरपोर्ट लंबे समय से पूर्वांचल और बिहार के यात्रियों के लिए आशा की किरण माना जा रहा है। अब हाईकोर्ट के आदेश के बाद न केवल घरेलू उड़ान बल्कि अंतरराष्ट्रीय हवाई कनेक्टिविटी का रास्ता भी खुल गया है। क्षेत्र के लोगों को उम्मीद है कि इससे पर्यटन, कारोबार और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
(इनपुट - आईएएनएस)
