Lucknow News: लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस-वे पर बन रहा नाला आगे चलकर यहां के लोगों के लिए खतरा बन सकता है। यह भविष्य के लिए खतरे का संकेत दे रहा है। नगर निगम ने अभी से ही यह चेतावनी दे दी है। इसे लेकर नगर निगम का कहना है कि अगर नाला निर्माण में सुधार नहीं हुआ तो कानपुर रोड के कई इलाके बारिश से प्रभावित होंगे। यहां के इलाकों में जलनिकासी से उसका बेड लेवल ऊंचा बनाया जा रहा है। इसे आगे चलकर पानी का बहाव ठहर जाएगा और इसका सीधा असर यहां की डेढ़ लाख की आबादी पर पड़ेगा,जो जलभराव का कहर झेलेगी।
कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर बन रहा नाला खतरे की निशानी (सांकेतिक फोटो)
निगर निगम के आपत्ति के बाद भी नगर एनएचएआइ ने अपना काम नहीं रोका और लगातार इसके निर्माण कार्य चल रहा है। जिसे लेकर नगर निगम का कहना है कि कल जब जल निकासी नहीं होगी तो उसे ही यहां के लोगों का विरोध झेलना होगा।
निगर निगर ने एनएचएआइ किया अलर्ट
हालांकि, नगर निगम ने नाला निर्माण करा रहे एनएचएआइ (भारतीय राष्ट्रीय हाइवे प्राधिकरण) को अलर्ट कर दिया है और कोई निदान निकलने के बाद ही आगे का काम करने को कहा है। वहीं इसे लेकर उच्च स्तरीय बैठकों में मामला उठने के बाद भी सुधार की दिशा में कुछ नहीं हो सका है। वहीं इस पर मुंशी पुलिया चौराहे पर बन रहे फ्लाईओवर के साथ एनएच कालोनियों के नालों को अवरुध कर नए नाले का निर्माण कर रहा है, जिससे जलनिकासी की बड़ी समस्या खड़ी हो गई है।
जलनिगम, नगर निगम और एनएचएआइ करेगी सर्वे
अब इस मामले को लेकर जलनिगम, नगर निगम और एनएचएआइ की टीम बनाकर सर्वे कराने को कहा गया है, जिससे भविष्य में होने वाले जलभराव का निदान किया जा सके। इस नाले के पानी को बोरिंग कर जलसंचयन करने की योजना है।
एनएचएआइ का तर्क नाला बनाना जरूरी
एनएचएआइ का तर्क है कि यह नाला इसलिए बनाया जा रहा है, जिससे लखनऊ कानपुर एक्सप्रेस पर बारिश के दौरान पानी सड़कों पर न रहे हैं और इसे जगह-जगह बोरिंग कर जमीन के अंदर ले जाया जाए। लेकिन, इसे लेकर नगर निगम का तर्क है कि ऊंचाई में बन रहे नाले से आसपास के इलाकों की जलनिकासी प्रभावित हो जाएगी और पानी का बहाव नहीं हो सकेगा। इससे बदाली खेड़ा, आजाद नगर, नादरगंज औद्योगिक क्षेत्र, गौरी, शांतिनगर, स्कूटर्स इंडिया और उससे जुड़े इलाके प्रभावित होंगे।
