Gyanvapi District Court Decision: आदालत के इस मंजूरी से मुस्लिम पक्ष यानी अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद कमेटी को बड़ा झटका लगा है। बता दें भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (Archaeological Survey of India) की ज्ञानवापी मामले में सर्वे और उसकी रिपोर्ट तैयार करने के लिए जो समय सीमा बढ़ाए जाने वाली अर्जी अदालत में पेश की थी उसे आदालत ने मंजूर कर ली है। इसके लिए उन्होंने जिला आदालत से आठ सप्ताह यानि 56 दिन का अतिरिक्त मांगा था। इस मामले में जिला जज डॉ. अजय कृष्ण विश्वेश की अदालत ने आठ सप्ताह यानि 56 दिन अतिरिक्त समय देने का आदेश दिया है।
In Case of Gyanvapi Masjid Big Blow To Muslim Side, District Court Make Decision In Favor Of ASI
विरोध के वक्त मौजूद थी ASI के 29 टीमें
हालांकि गुरुवार को जब एएसआई (ASI) की टीम सर्वे करने पहुंची थी तो मसाजिद कमेटी ने इसका विरोध किया था, जिसके कारण ज्ञानवापी परिसर का सर्वे शुरू नहीं हो सका था। उस वक्त ज्ञानवापी परिसर में एएसआई की 29 सदस्यीय टीम मौजूद थी जब मसाजिद कमेटी इसका विरोध कर रही थी। दरअसल, मसाजिद कमेटी का कहना है कि जब तक अदालत का आदेश नहीं आ जाता तब तक सर्वे का काम नहीं होने दिया जाएगा।
ASI के पक्ष में जिला आदालत ने सुनाया फैसला
मसाजिद कमेटी का कहना था कि अदालत ने सर्वे और उसकी रिपोर्ट जमा करने के लिए 2 सितंबर तक की ही इजाजत दी थी। लेकिन आदालत की इस फैसले से आज मसाजिद कमेटी को बड़ा झटका लगा है।
बता दें बीते सोमवार को मसाजिद कमेटी ने दाखिल आपत्ति में कहा था कि मलबा हटाने से और उसे एक जगह इकट्ठा करने से मस्जिद के गिरने का खतरा है। लेकिन उस दिन वकीलों की हड़ताल की वजह से मामले की सुनवाई नहीं हो सकी। लेकिन आज जिला आदालत में दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद जिला जज डॉ अजय कृष्ण विश्वेश की अदालत ने एएसआई के पक्ष में फैसला सुनाया।
