2047 तक विकसित यूपी का संकल्प; OBC सशक्तिकरण के साथ बेटियों के लिए शिक्षा, प्रशिक्षण और विवाह अनुदान योजनाएं

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वर्ष 2047 तक उत्तर प्रदेश को विकसित राज्य बनाने का जो लक्ष्य तय किया है, उसमें ओबीसी समुदाय की भागीदारी को केंद्रीय स्थान दिया गया है। शिक्षा, तकनीकी प्रशिक्षण, छात्रावास सुविधा और विवाह अनुदान जैसी योजनाओं के माध्यम से ओबीसी वर्ग को सशक्त बनाने के लिए व्यापक प्रयास किए जा रहे हैं।

OBC Welfare Schemes in UP: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वर्ष 2047 तक उत्तर प्रदेश को एक विकसित राज्य के रूप में स्थापित करने का स्पष्ट लक्ष्य तय किया है। इस विजन की नींव ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं, विशेषकर अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) समुदाय को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने, गांवों की स्वच्छता बढ़ाने और बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने पर आधारित है। सरकार का विश्वास है कि यदि अगले दो दशकों में इन क्षेत्रों में गहन सुधार किए जाएं, तो उत्तर प्रदेश न केवल छह ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बन सकता है, बल्कि भारत के विकास पथ में भी एक निर्णायक भूमिका निभा सकता है। राज्य की कुल जनसंख्या में ओबीसी वर्ग का हिस्सा 52% से अधिक है, इसलिए उनके सशक्तिकरण के बिना विकसित यूपी का सपना अधूरा रहेगा।

CM Yogi Adityanath (Photo: PTI)

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (फोटो: पीटीआई)

ओबीसी कल्याण विभाग के कई ठोस प्रयास

बीते आठ सालों में ओबीसी कल्याण विभाग ने इस दिशा में कई ठोस प्रयास किए हैं। वित्तीय वर्ष 2024-25 में कुल 32,22,499 ओबीसी विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति दी गई। वहीं, पिछले आठ वर्षों में कुल 2.07 करोड़ से अधिक छात्रों को ₹13,535.33 करोड़ की मदद प्रदान की गई है। यह पूर्व सरकार द्वारा दिए गए ₹4,197 करोड़ की तुलना में चार गुना अधिक है, जो योगी सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। सरकार का लक्ष्य है कि वर्ष 2047 तक 7 करोड़ से अधिक ओबीसी छात्रों को कुल ₹80,000 करोड़ की सहायता दी जाए, जिससे उन्हें उच्च शिक्षा के समान अवसर मिल सकें।

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