उत्तर प्रदेश विधानसभा में मानसून सत्र के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का कड़ा रुख दिखा। अयोध्या में एक बच्ची के साथ रेप की घटना में सपा नेता का नाम सामने आने पर सीएम योगी ने समाजवादी पार्टी पर हमला बोला। इस दौरान उन्होंने कहा कि मैं यहां नौकरी करने नहीं आया हूं। अगर मुझे प्रतिष्ठा प्राप्त करनी होती, तो मुझे अपने मठ में मिल जाती है।
सीएम योगी।
क्यों आग बबूला हुए सीएम योगी?
दरअसल, सीएम योगी ने इस घटना पर कहा कि इसे हल्के में नहीं छोड़ा जा सकता है। इस रेप कांड में शामिल आरोपी फैजाबाद के सांसद के साथ रहता है और सपा ने उस पर कोई कार्रवाई नहीं की है। उन्होंने आरोप लगाते हुए पूछा कि आखिर इसके पीछे क्या मजबूरी थी। इसके बाद सीएम योगी ने कहा कि बुलडोजर अपराधियों के लिए है, जो प्रदेश के नौजवानों के साथ गलत काम करते हैं। जो अपराधी व्यापारी और बेटी की सुरक्षा में सेंध लगाता है। जो राज्य में अराजकता पैदा करता है। उनके लिए बुलडोजर है।
सदन में गरजे योगी
इसके बाद सीएम योगी ने कहा, ''इसलिए, मेरा दायित्व बनता है। मैं यहां नौकरी करने नहीं आया हूं, मैं यहां इसलिए आया हूं कि अगर वो (गलत काम) करेंगे तो भुगतेंगे। ये लड़ाई सामान्य नहीं है और न ही प्रतिष्ठा की लड़ाई है। मुझे प्रतिष्ठा प्राप्त करनी होती तो मठ में मिल जाती, यहां आने की आवश्यकता नहीं थी।
विपक्षी दलों पर जमकर साधा निशाना
सीएम योगी यहीं तक नहीं रुके, उन्होंने विपक्षी इंडियन नेशनल डेवलपमेंट इंक्लूसिव अलायंस (इंडिया) के घटक दलों समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस पर करारा तंज करते हुए कहा कि वर्ष 2027 में होने वाले राज्य विधानसभा चुनाव में सपा 'सफा चट' होने जा रही है और सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) कांग्रेस के 'एक लाख रुपये के बॉण्ड' का हिसाब मांगेगी।
सीएम योगी ने सपा और कांग्रेस पर जमकर शब्द बाण छोड़े और पंचतंत्र की एक कथा का जिक्र करते हुए अगले चुनावों के संदर्भ में कहा कि 'काठ की हंडिया' बार-बार नहीं चढ़ेगी। उन्होंने लोकसभा चुनाव में प्रचार के दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा अपनी पार्टी के घोषणापत्र में महिलाओं और युवाओं को हर साल एक लाख रुपये की सहायता देने के वादे के लिये 'खटाखट' शब्द का इस्तेमाल किये जाने का जिक्र करते हुए कहा, ''चुनाव में खटाखट, खटाखट, खटाखट...एक लाख का वह बॉण्ड कहां गया?''
