लखनऊ मेट्रो के ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर को पब्लिक इन्वेस्टमेंट बोर्ड (PIB) से स्वीकृति मिल गई है, और अब इसे केंद्रीय कैबिनेट की बजट स्वीकृति का इंतजार है। जानकारी के मुताबिक, इस परियोजना को 30 मई तक वित्तीय मंजूरी मिलने की संभावना है। यह 11.165 किमी लंबा कॉरिडोर चारबाग से बसंत कुंज तक विस्तारित होगा, जिससे पुराने और नए लखनऊ को बेहतर तरीके से जोड़ने में मदद मिलेगी।
लखनऊ मेट्रो का विस्तार
मेट्रो कॉरिडोर फेज-1बी के अंतर्गत प्रस्तावित इस मार्ग में 6.879 किमी भूमिगत और 4.286 किमी एलिवेटेड ट्रैक होगा, जो अमीनाबाद, चौक और ठाकुरगंज जैसे घनी आबादी वाले क्षेत्रों से होकर गुजरेगा। अनुमानित लागत लगभग 5801 करोड़ रुपये है। यूपी मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (UPMRC) के प्रबंध निदेशक सुशील कुमार के अनुसार, यह परियोजना लखनऊ के शहरी परिवहन के लिए अत्यधिक महत्वपूर्ण साबित होगी।
सीसीएस एयरपोर्ट से मुंशीपुलिया तक सेवाएं
लखनऊ मेट्रो के निर्माण कार्य को अगले 4 से 5 वर्षों में पूरा करने की योजना बनाई गई है, जिससे उम्मीद है कि वर्ष 2029 तक इसका संचालन शुरू हो जाएगा। फिलहाल, लखनऊ मेट्रो की सेवाएं सीसीएस एयरपोर्ट से मुंशीपुलिया तक फैली हुई हैं, जिसमें कुल 21 स्टेशन शामिल हैं। आगामी ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर के जुड़ने से मेट्रो नेटवर्क का विस्तार होकर लगभग 35 किमी लंबा हो जाएगा, जिसमें कुल 12 नए मेट्रो स्टेशन भी शामिल होंगे।
