Bareilly Violence Update: बरेली में हाल ही में हुई हिंसा के मामले में बड़ी खबर सामने आई है। बरेली में बवाल करने के लिए बिहार और बंगाल से उपद्रवियों को बुलाया गया था। मौलाना तौकीर रजा के करीबी नदीम ने मैसेज भेजकर इन लोगों से जुम्मे वाले दिन बरेली के इस्लामिया ग्राउंड आने की अपील की थी। बरेली हिंसा मामले में अब तक 55 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इनमें से कई आरोपियों का आपराधिक इतिहास रहा हैं।
बरेली हिंसा - फाइल फोटो
IMC के ग्रुप में भेजा मैसेज
तौकीर रजा की पार्टी इत्तेहादी मिल्लत काउंसिल से जुड़े लोग बिहार और बंगाल से भी है। नदीन ने IMC के ग्रुप में मैसेज भेजा था और इन लोगों से अपील की थी कि जुम्मे वाले दिन बरेली के इस्लामिया ग्राउंड पहुंचे। जिसके बाद बिहार और बंगाल से कुछ लोग पहुंचे थे। इनमें पश्चिम बंगाल का मुसारोफ शेख और बिहार का शमशेर रजा शामिल है। पुलिस ने आरोपियों से 12 बोर का एक तमंचा और जिंदा कारतूस बरामद भी किया है।
पोस्टर बैनर लेकर सड़कों पर उतरे थे मुस्लिम समाज के लोग
न्यूज एजेंसी भाषा के अनुसार, बरेली में शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद अलग-अलग इलाकों में “आई लव मोहम्मद” लिखे पोस्टर बैनर लेकर मुस्लिम समाज के सैकड़ों लोग सड़कों पर उतरे थे। इस दौरान खलील स्कूल के पास कुछ शरारती तत्वों ने तोड़फोड़ की और पुलिस ने स्थिति पर काबू पाने के लिए लाठियों का इस्तेमाल किया। बाद में मामले में मौलाना तौकीर रजा समेत कई लोगों को इस उपद्रव के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए गिरफ्तार कर लिया गया। इस बीच अधिकारियों ने कहा कि मामले की जांच से पता चला है कि नदीम ने कथित तौर पर इन घटनाओं की योजना बनाई और उसने व्हाट्सएप के जरिए 55 चुनिंदा लोगों को कॉल किया और उन लोगों ने फिर लगभग 1,600 लोगों की भीड़ जुटाई।
बरेली हिंसा के पीछे क्या है वजह?
अधिकारी ने आगे कहा, "हिंसा के पीछे की साजिश कथित तौर पर सीएए (नागरिकता संशोधन कानून) और एनआरसी (राष्ट्रीय नागरिक पंजी) विरोधी प्रदर्शनों की तर्ज पर रची गई थी, जिसमें नाबालिगों को भीड़ में सबसे आगे रखने की योजना थी।" उन्होंने कहा कि नदीम और उसके साथी कथित तौर पर खलील स्कूल चौराहे और श्यामगंज इलाके सहित प्रमुख स्थानों पर अशांति भड़काने के लिए सक्रिय थे।
पुलिस अधिकारियों ने यह भी दावा किया कि नदीम ने शुक्रवार की नमाज के बाद खान द्वारा प्रस्तावित प्रदर्शन के बारे में शुरू में "अधिकारियों को गुमराह" किया था। गुरुवार रात, वह कथित तौर पर अपने साथियों नफीस और लियाकत के साथ पुलिस के पास गया और उन्हें आश्वासन दिया कि शुक्रवार को कोई प्रदर्शन नहीं होगा। हालांकि, एक अधिकारी ने बताया कि उस रात उसने पुलिस को जो पत्र सौंपा था, वह बाद में जाली पाया गया।
बरेली में सुरक्षा कड़ी
पुलिस के अनुसार, हिंसा भड़काने, दंगा करने, पथराव करने और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने जैसे अपराधों से संबंधित धाराओं के तहत मौलाना तौकीर रजा समेत 180 नामजद और 2,500 अज्ञात दंगाइयों के खिलाफ 10 प्राथमिकी दर्ज की गई हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की किसी भी कोशिश के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है। वहीं बरेली और आसपास के जिलों में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है और संवेदनशील इलाकों में भारी पुलिस और अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई है। स्थानीय लोगों के अनुसार, सोमवार को भी मोबाइल इंटरनेट सेवाएं बाधित रहीं।
(इनपुट - भाषा)
