Anil Dujana : ग्रेटर नोएडा के निवासी और पश्चिमी यूपी का कुख्यात बदमाश को बुधवार को मेरठ में एनकाउंटर के दौरान ढेर हो गया है। ये कामयाबी यूपी एसटीएफ को मिली है। अनिल दुजाना जेल से बाहर आ गया था। जब इसकी जानकारी नोएडा पुलिस कमिश्नरेट को लगी तो 2 सप्ताह के दौरान अनिल दुजाना के खिलाफ नोएडा में दो मुकदमे दर्ज हुए हैं। बता दें कि इससे पहले नोएडा पुलिस की स्पेशल सेल और एसटीएफ टीम उसकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही थी और आज उसका एनकाउंटर कर दिया गया है।
पुलिस के साथ कुख्यात अनिल दुजाना (लाल घेरे में)।
क्या कहती है पुलिस
अपर पुलिस महानिदेशक (STF) अमिताभ यश ने बताया, अनिल दुजाना एक वांछित अपराधी था, मेरठ के जानी थाना अंतर्गत एक गांव में हमारी टीम ने उसे घेर लिया था। दुजाना ने बचने के लिए हमारी टीम पर गोलीबारी की और जवाबी कार्रवाई में वह मारा गया। दुजाना को घेरने वाली एसटीएफ टीम का नेतृत्व उप्र एसटीएफ के अपर पुलिस अधीक्षक बृजेश सिंह कर रहे थे।
तिहाड़ से आया था बाहर
कुख्यात दुजाना लंबे समय से दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद चल रहा था, लेकिन हाल ही में उसे जमानत मिली और वह छूट गया। बताया जाता है कि जब वह जेल से बाहर आया था तो उसने सबसे पहले जयचंद प्रधान की हत्या के मामले में उसकी पत्नी और गवाह महिला को धमकी दी। जब ये बात पुलिस के संज्ञान में आई तो उन्होंने अनिल के खिलाफ 2 मुकदमे दर्ज किए।
अपराध जगत का था बेताज बादशाह
अनिल दुजाना जिसे पश्चिमी यूपी का कुख्यात बदमाश कहा जाता है, उस पर 18 मर्डर समेत अपराध के 62 मामले दर्ज थे। मर्डर के अलावा रंगदारी, कब्जे छुड़वाना, लूटपाट जैसे अपराधों के लिए भी वह काफी मशहूर था। गौरतलब है कि एक मामले में पुलिस दुजाना पर रासुका के तहत भी कार्रवाई कर चुकी है। वह जेल में 2012 से बंद चल रहा था और जनवरी 2021 में उसे जमानत मिली थी। दुजाना पर यूपी पुलिस की हिटलिस्ट में काफी समय से था, यही वजह है कि नोएडा पुलिस ने उस पर 50 हजार और बुलंदशहर की पुलिस ने 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था।
भाटी गैंग की कमान संभाले था दुजाना
अनिल दुजाना नरेश भाटी गैंगस्टर का करीबी शूटर था। चूंकि नरेश भाटी की हत्या में सुंदर भाटी की अहम भूमिका थी, इसलिए दोनों में अदावत चलती थी। इन दोनों की आपसी रंजिश में पहले कई हत्याएं हो चुकी हैं। बताया जाता है कि 2012 में अनिल दुजाना और उसके गैंग ने सुंदर भाटी और उसके कुछ लोगों पर AK-47 से हमला किया था, जिसके बाद से ही दुजाना फरार हो गया था। हालांकि नरेश भाटी की हत्या के बाद उसकी गैंग को पूरी तरह से अनिल दुजाना ही संभाले था। आज से करीब डेढ़ साल पहले वांटेड चल रहे दुजाना को क्राइम ब्रांच ने दिल्ली से गिरफ्तार किया था।
