लखनऊ अग्निकांड: न आग से बचाव की फिक्र, न इमरजेंसी एग्जिट के इंतजाम, हर नियम को बताया धता

अधिकारियों ने बताया कि जिन लोगों के नाम प्राथमिकी में हैं, उनमें इमारत का मालिक और पालतू जानवरों की देखभाल से जुड़ी दुकान व एनिमेशन केंद्र चलाने वाले लोग शामिल हैं। पुलिस ने सोमवार को ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था।

Lucknow Coaching Fire:उत्‍तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज की इमारत में लगी आग में 15 लोगों की मौत के मामले में दर्ज प्राथमिकी में यह आरोप लगाया गया है कि इमारत को बिना आग से बचाव के इंतजाम, आपातकालीन निकास और धुआं निकालने की व्यवस्था न होने के बावजूद उसका व्‍यवसायिक उपयोग किया जा रहा था। पुलिस ने मंगलवार को यह जानकारी दी। पुलिस के अनुसार अलीगंज थाने में दर्ज प्राथमिकी में भारतीय न्‍याय संहिता की धारा 105 (गैर-इरादतन हत्या), 110 (गैर-इरादतन हत्या की कोशिश), 125 (लापरवाही भरा काम जिससे लोगों की जान को खतरा हो) और उत्तर प्रदेश अग्निशमन तथा आपात सेवा अधिनियम के तहत दर्ज मामले में चार आरोपियों और अन्य लोगों के नाम शामिल हैं।

अब तक चार आरोपी गिरफ्तार

अधिकारियों ने बताया कि जिन लोगों के नाम प्राथमिकी में हैं, उनमें इमारत का मालिक और पालतू जानवरों की देखभाल से जुड़ी दुकान व एनिमेशन केंद्र चलाने वाले लोग शामिल हैं। पुलिस ने सोमवार को ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार किए गए लोगों में राम कृष्ण उपाध्याय (43), वीरेंद्र प्रसाद शुक्ला (62), तुषार कृष्ण जायसवाल (31) और सुरेश कुमार साहू शामिल हैं। उन्होंने बताया कि उपाध्याय, शुक्ला और जायसवाल आग की जद में आयी इमारत के संयुक्त रूप से मालिक थे।

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