सूरत के सचिन GIDC इलाके में सामने आए इस मामले ने पूरे शहर को हिला दिया है, जिस वकील को परिवार ने अपनी बेटी को इंसाफ दिलाने के लिए अदालत में खड़ा किया था, उसी ने भरोसे की आड़ में बच्ची को धमकाया, अपने घर बुलाया और दरिंदगी की हदें पार कर दीं। पुलिस ने वारदात सामने आने के चंद घंटों के भीतर आरोपी वकील प्रणयराज गोविंदभाई रणवीर (43) को डिंडोली से दबोच लिया।
सूरत में नाबालिग से दुष्कर्म करने वाला आरोपी वकील गिरफ्तार
कहानी की शुरुआत होती है सितंबर 2025 से। तब पीड़िता महज 12 साल 8 महीने की मासूम थी। 19 सितंबर 2025 को दो आरोपियों ने उसका अपहरण कर लिया था। तीन दिन बाद, 22 सितंबर 2025 को सचिन GIDC थाने में अपहरण और दुष्कर्म का मामला दर्ज हुआ। दो महीने की भागदौड़ के बाद 23 नवंबर 2025 को पुलिस ने नाबालिग को खोज निकाला और आरोपी भाइयों अवधपाल उर्फ बजरंगी जगरूप यादव तथा ब्रिजेश उर्फ बाबू जगरूप यादव को सलाखों के पीछे पहुंचाया। अदालत में केस मजबूती से लड़ने के लिए पीड़ित पिता ने वकील प्रणयराज गोविंदभाई रणवीर पर भरोसा जताया और उसे अपना अधिकृत वकील नियुक्त किया। परिवार को उम्मीद थी कि यही वकील उन्हें इंसाफ दिलाएगा। लेकिन किसे पता था कि यही भरोसा एक दिन उनके लिए सबसे बड़ा धोखा साबित होगा।
12 जुलाई 2026 की शाम। वकील प्रणयराज ने पीड़िता के पिता को फोन घुमाया। लहजा सामान्य था, बात भी मामूली लग रही थी "आपकी बेटी को घर पर काम के लिए रखना है।" इसी बहाने उसने घर का पता ले लिया। लेकिन असली चाल इसके बाद खुली। पुलिस के मुताबिक, वकील ने साफ धमकी दी, अगर बेटी को उसके घर काम पर नहीं भेजा गया, तो अदालत में चल रहा पुराना केस जानबूझकर कमजोर कर दिया जाएगा, परिवार का पूरा भरोसा मिट्टी में मिल जाएगा।
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एक तरफ इंसाफ की उम्मीद, दूसरी तरफ धमकी का साया, डरे-सहमे पिता के पास कोई चारा नहीं बचा। उन्होंने बेटी को वकील के साथ भेज दिया। वकील उसे अपनी गाड़ी में बिठाकर डिंडोली स्थित वेदांत विला सोसाइटी के अपने घर ले गया।
वकील ने किया नाबालिग से रेप
डिंडोली उमिया चौक के पास मकान नंबर 42, यही वह जगह थी जहां वकील ने अपना असली चेहरा दिखाया। पुलिस के अनुसार, 13 साल 6 महीने की मासूम को डरा-धमकाकर उसके साथ मारपीट की गई, फिर जबरन दुष्कर्म किया गया। यहीं नहीं रुका आरोपी, उसने बच्ची के साथ अप्राकृतिक कृत्य भी किया और इस पूरे कुकृत्य का मोबाइल पर वीडियो भी बना लिया, ताकि पीड़िता डर के मारे कभी मुंह न खोल सके।
घर लौटने के बाद सहमी-डरी बच्ची ने रोते हुए पिता को सब कुछ बता दिया। बेटी की बात सुनकर पिता के पैरों तले ज़मीन खिसक गई, जिस वकील पर उन्होंने आंख मूंदकर भरोसा किया था, उसी ने बेटी की जिंदगी तबाह कर दी थी। बिना देर किए पिता 13 जुलाई 2026 को सीधे सचिन GIDC पुलिस स्टेशन पहुंचे और पूरी सच्चाई पुलिस के सामने रख दी।
मामले की गंभीरता भांपते ही एसीपी ए. सी. तरडे सहित वरिष्ठ अधिकारी हरकत में आ गए। तुरंत मामला दर्ज करने के आदेश दिए गए और अलग-अलग टीमें छापेमारी के लिए रवाना हुईं। गिनती के घंटों में ही आरोपी वकील प्रणयराज डिंडोली से पुलिस के शिकंजे में आ गया। फिलहाल उससे गहन पूछताछ जारी है और मोबाइल फोन जब्त करने की प्रक्रिया चल रही है, जिसमें वह आपत्तिजनक वीडियो होने की आशंका है।
सचिन GIDC पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 64(2)(जे) [सत्ता का दुरुपयोग कर दुष्कर्म], 65(1), 95, 115(2), 351(2) तथा पॉक्सो एक्ट 2012 की धारा 4, 6, 8 और 10 के तहत मामला दर्ज किया है।
जांच में जो सामने आया, उसने पुलिस को भी चौंका दिया। यह वकील कोई पहली बार गुनहगार नहीं बना था। उसके खिलाफ पहले भी अलग-अलग थानों में 6 गंभीर मामले दर्ज हो चुके हैं, अहमदाबाद के बावला थाने में प्रोहिबिशन और दहेज उत्पीड़न (498-क), चांदखेड़ा में सरकारी कर्मचारी पर हमला और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान, ओलपाड में निषेधाज्ञा उल्लंघन, तथा डिंडोली और सलाबतपुरा में शराब पीकर वाहन चलाने (MVA-185) और मारपीट के मामले। पुलिस अब इन सभी मामलों की कड़ियां जोड़कर जांच को आगे बढ़ा रही है, ताकि अदालत में आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जा सके।
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि आरोपी वकील के खिलाफ खुद उसकी पत्नी ने घरेलू हिंसा का मामला दर्ज करा रखा है, और दोनों फिलहाल अलग-अलग रह रहे हैं।
