मेरठ के ललिता गौतम हत्याकांड को लेकर मेरठ में विवाद लगातार गहराता जा रहा है। प्रदर्शनकारियों पर पुलिस की कार्रवाई और मेरठ के SSP अविनाश पांडेय के कथित 'थप्पड़ कांड' के बाद अब मामला राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी गरमा गया है। पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे नगीना सांसद एवं आजाद समाज पार्टी के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद को पुलिस-प्रशासन ने दौराला स्थित सिवाया टोल प्लाजा पर रोक दिया। उनके साथ बड़ी संख्या में समर्थक भी मौजूद रहे, जिसके चलते टोल प्लाजा पर देर तक हाईवोल्टेज ड्रामा और भारी पुलिस बल की मौजूदगी बनी रही।
मेरठ ललिता गौतम कांड
पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी सांसद चंद्रशेखर आजाद को समझाने का प्रयास करते रहे, लेकिन वह पीड़ित परिवार से मुलाकात की मांग पर अड़े रहे। प्रशासन ने कानून-व्यवस्था का हवाला देते हुए पीड़िता के गांव और आसपास के इलाके में भारी पुलिस बल तैनात कर बैरिकेडिंग कर रखी है।
इसी बीच पूर्व ADG प्रेम प्रकाश भी सिवाया टोल प्लाजा पहुंचे। उन्होंने मौजूद लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की और कमिश्नरी चौराहे पर प्रदर्शनकारियों पर हुए पुलिस बल प्रयोग तथा SSP अविनाश पांडेय के कथित थप्पड़ मारने की घटना पर सवाल उठाए।
राकेश टिकैत ने निष्पक्ष जांच की मांग की
भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत भी मेरठ पहुंचे और पूरे घटनाक्रम पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने भी पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।
दरअसल, ललिता गौतम हत्याकांड को लेकर हुए प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए बल प्रयोग किया था। इसी दौरान सामने आए एक वीडियो में मेरठ के SSP अविनाश पांडेय पुलिस वाहन में बैठे एक प्रदर्शनकारी को थप्पड़ मारते हुए दिखाई दिए। इस वीडियो के वायरल होने के बाद मामला सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक चर्चा का विषय बना हुआ है।
सांसद चंद्रशेखर आजाद ने SSP की कार्रवाई पर कड़ा विरोध जताते हुए कहा कि न्याय की मांग कर रहे लोगों के साथ इस तरह का व्यवहार स्वीकार्य नहीं है। वहीं पुलिस-प्रशासन का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना उनकी प्राथमिकता है। फिलहाल सिवाया टोल प्लाजा पर स्थिति तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में है और पूरे घटनाक्रम पर प्रशासन लगातार नजर बनाए हुए है।
