उत्तर प्रदेश के कुंडा के विधायक और जनसत्ता दल (लोकतांत्रिक) के अध्यक्ष रघुराज प्रताप सिंह 'राजा भैया' के पिता उदय प्रताप सिंह को सोमवार को करीब तीन दिन के लिए उनके घर में नजरबंद कर दिया। जिला प्रशासन ने मुहर्रम का जुलूस शांतिपूर्वक संपन्न कराने के लिए ऐसा कदम उठाया है।
विधायक राजा भैया/फाइल फोटो।
प्रशासन ने क्यों किया नजरबंद?
पुलिस अधिकारी ने बताया कि प्रशासन ने उनके करीब एक दर्जन समर्थकों को भी बुधवार रात नौ बजे तक के लिए नजरबंद किया है। मुहर्रम का जुलूस बुधवार को निकाला जाएगा। कुंडा के पुलिस क्षेत्राधिकारी (सीओ) अजीत सिंह ने बताया कि राजा उदय प्रताप सिंह अपने समर्थकों के साथ शेखपुर आशिक कुंडा में ‘आशूरा’ (मोहर्रम के महीने की 10 तारीख) को निकाले जाने वाले ताजिए के जुलूस के रास्ते में एक बंदर की बरसी को लेकर भंडारा आयोजित करना चाह रहे थे। इस बंदर की करीब 10 साल पहले मौत हो गई थी।
हाउस अरेस्ट का नोटिस
सीओ ने बताया कि इस कारण एहतियात के तौर पर मुहर्रम का जुलूस शांतिपूर्वक संपन्न कराने के लिए जिलाधिकारी संजीव रंजन के आदेश पर उप जिलाधिकारी (एसडीएम) भरत राम ने पुलिस बल के साथ पहुंचकर उदय प्रताप सिंह की भदरी कोठी के मुख्य द्वार पर नज़रबंदी का नोटिस चस्पा दिया।
आवास पर पुलिस बल तैनात
अधिकारी ने बताया कि इसी के साथ प्रशासन ने उदय प्रताप सिंह के करीब एक दर्जन समर्थकों के आवास पर भी नोटिस चस्पाया है और इन सब को 17 जुलाई की रात नौ बजे तक के लिए नज़रबंद किया गया है। सीओ ने बताया कि नजरबंद किए गए सभी लोगों के आवास पर पुलिस बल तैनात किया गया है, जो उनकी हर गतिविधि पर नजर रखेंगे।
कब तक प्रभावी रहेगा आदेश?
सीओ ने बताया कि यह आदेश 17 जुलाई की रात नौ बजे तक प्रभावी रहेगा। बता दें कि उदय प्रताप सिंह भदरी की पूर्व रियासत के प्रमुख रहे हैं। उन्हें आज भी लोग ‘राजा साहब’ कहते हैं। उनके पुत्र रघुराज प्रताप सिंह प्रतापगढ़ जिले की कुंडा विधानसभा सीट से लगातार सात बार के विधायक हैं।
