Kumbhalgarh Forest Fire: राजस्थान के पाली जिले के कुंभलगढ़ वन्यजीव अभयारण्य में लगी भीषण (Pali Rajasthan fire) आग ने अब खतरनाक रूप ले लिया है। पिछले कुछ दिनों से सुलग रही यह आग अब तेजी से फैलते हुए बड़े क्षेत्र को अपनी चपेट में ले रही है। लाटाड़ा नाल, तणी नाल और जाड़ा जोबू की पर्वतमालाओं में आग का असर साफ देखा जा रहा है, जहां जंगल की हरियाली धीरे-धीरे राख में बदलती जा रही है। तेज हवाएं आग को और भड़का रही हैं, जिससे हालात और भी गंभीर हो गए हैं। सूखी घास और पेड़-पौधे तेजी से जल रहे हैं, जिससे वन संपदा को भारी नुकसान हो रहा है।
आग का सबसे बड़ा असर वन्यजीवों पर
आग की लपटें इतनी ऊंची उठ रही हैं कि सादड़ी कस्बे की ऊंची इमारतों से भी यह भयावह दृश्य साफ नजर आ रहा है। दिन के समय जहां केवल हल्का धुआं दिखाई देता है, वहीं रात होते ही आग फिर से भड़क उठती है और दूर-दूर तक फैलती नजर आती है। इस आग का सबसे बड़ा असर वन्यजीवों पर पड़ रहा है। जंगल में रहने वाले जानवर अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भाग रहे हैं और सुरक्षित जगहों की तलाश कर रहे हैं। कई छोटे जीव और पक्षी इस आग की चपेट में आ सकते हैं, जिससे जैव विविधता को भी खतरा पैदा हो गया है।
पहाड़ी इलाका और तेज हवाएं राहत कार्यों में बड़ी चुनौती
वन विभाग के अधिकारी लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और आग पर काबू पाने की कोशिशें जारी हैं। हालांकि पहाड़ी इलाका और तेज हवाएं राहत कार्यों में बड़ी चुनौती बन रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि आग को जल्द से जल्द नियंत्रित करने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। कुंभलगढ़ का यह वन क्षेत्र अपनी समृद्ध प्राकृतिक संपदा और वन्यजीवों के लिए जाना जाता है, लेकिन इस आग ने पूरे इलाके को संकट में डाल दिया है। यदि जल्द ही इस पर काबू नहीं पाया गया, तो नुकसान और भी बढ़ सकता है।
