पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के कैमेक स्ट्रीट स्थित तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव व सांसद अभिषेक बनर्जी के कार्यालय पर खतरनाक तरीके से लटके अनधिकृत साइनबोर्ड और होर्डिंग को हटाने पहुंचे कोलकाता नगर निगम (KMC) के अधिकारियों और पुलिस टीम पर हमले का मामला गर्मा गया है। सरकारी काम में बाधा डालने, पुलिस और निगम कर्मचारियों के साथ मारपीट करने, जानलेवा हमला करने और सरकारी उपकरण छीनने के गंभीर आरोपों में सांसद अभिषेक बनर्जी, राज्यसभा सांसद डेरेक ओब्रायन, टीएमसी नेता हुमायूं कबीर, बैसवानर चट्टोपाध्याय और अन्य समर्थकों के खिलाफ कुल 3 एफआईआर (FIR) दर्ज की गई हैं। इस मामले में पुलिस ने 13 टीएमसी कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया है।
कैमेक स्ट्रीट दफ्तर में सरकारी काम में बाधा और पुलिस पर हमले का आरोप (X/@AITCofficial)
KMC उप प्रबंधक की शिकायत पर धारा K2 केस दर्ज
यह कार्रवाई कोलकाता नगर निगम (KMC) के विज्ञापन विभाग के उप प्रबंधक सुदीप कुमार बोस द्वारा दर्ज कराई गई लिखित शिकायत के आधार पर की गई है। सेक्शन K2 केस संख्या 147 में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 191(2), 191(3), 190, 121(1), 351(2), 303(2) और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया गया है। जिसमें टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी, डेरेक ओब्रायन, हुमायूं कबीर, बैसवानर चट्टोपाध्याय और उनके अन्य समर्थकों को आरोपी बनाया गया है।
केमैक स्ट्रीट कार्यालय पर हुआ क्या था?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, दोपहर लगभग 3:00 बजे KMC के विज्ञापन विभाग के अधिकारी, अपने कर्मचारियों और पुलिस बल के साथ कैमैक स्ट्रीट स्थित 9, कैमैक स्ट्रीट (कोलकाता-17) भवन पहुंचे। नगर निगम प्राधिकरण द्वारा इमारत की सबसे ऊपरी मंजिल पर खतरनाक तरीके से लटके विशाल होर्डिंग/साइनबोर्ड को हटाने का आधिकारिक आदेश जारी किया गया था।
जब नगर निगम की टीम और पुलिस बल अपने आधिकारिक कर्तव्यों का पालन करने पहुंची, तब आरोपी नेताओं और उनके समर्थकों ने गैर-कानूनी जनसमूह बनाकर KMC अधिकारियों और पुलिस कर्मियों का रास्ता रोक दिया।
पुलिसकर्मियों और अधिकारियों पर हमले व बदसलूकी के आरोप
दर्ज शिकायत के अनुसार, आरोपी पक्ष द्वारा केएमसी अधिकारियों और ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों पर आपराधिक बल का प्रयोग किया गया और उनके साथ मारपीट की गई, जिससे कई कर्मचारी और पुलिसकर्मी घायल हो गए। इसके साथ ही, सरकारी अधिकारियों के काम में इस्तेमाल होने वाले औजार व उपकरण भी छीन लिए गए और उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने की धमकियां दी गईं। इस घटना के बाद मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया और पुलिस के काम में बाधा डालने व हमला करने के आरोप में 13 टीएमसी कार्यकर्ताओं और कर्मचारियों को हिरासत में लेकर गिरफ्तार कर लिया गया है। मामले की आगे की कानूनी जांच जारी है।
