Kolkata Metro: पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन का असर अब धरातल पर दिखने लगा है। महानगर की सबसे खास परियोजनाओं में से एक, कोलकाता मेट्रो की ऑरेंज लाइन (न्यू गरिया-एयरपोर्ट कॉरिडोर) के निर्माण कार्य को आखिरकार गति मिल गई है। पूर्व की ममता बनर्जी सरकार से ट्रैफिक अनुमति न मिलने के कारण जो काम कई महीनों से लंबित था, उसे नई सरकार ने कार्यभार संभालते ही मंजूरी दे दी है।
शुरू हो रहा है सालों से अटका मेट्रो का काम (फाइल फोटो | PTI)
चिंगड़ीघाटा क्रॉसिंग पर शुरू होगा युद्धस्तर पर काम
मेट्रो पिलर निर्माण के लिए शहर के सबसे व्यस्त चिंगड़ीघाटा क्रॉसिंग पर निर्माण कार्य शुरू करने के लिए कोलकाता पुलिस ने ट्रैफिक नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। पुलिस कमिश्नर अजय नंद की अनुमति के बाद आगामी दो वीकेंड्स में कुल 120 घंटे का मेगा ट्रैफिक ब्लॉक लागू किया जाएगा। चिंगड़ीघाटा में मेट्रो पिलर का काम सालो से अटका हुआ था। यह मामला कलकत्ता हाई कोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा था। शीर्ष अदालत की सख्त टिप्पणियों के बावजूद पूर्व सरकार ने व्यस्ततम ईएम बाईपास पर ट्रैफिक रोकने की अनुमति नहीं दी थी, जिससे प्रोजेक्ट की लागत और समय दोनों बढ़ रहे थे।
ट्रैफिक डायवर्जन: कब और कहां लगेगा प्रतिबंध?
यात्रियों की सुविधा और निर्माण कार्य को समय पर पूरा करने के लिए इसे दो चरणों में बांटा गया है।
पहला चरण (उत्तर दिशा): 15 मई (शुक्रवार) रात 8 बजे से शुरू होकर 18 मई (सोमवार) सुबह 8 बजे तक यानी कुल 60 घंटे तक रहेगा। इस दौरान चिंगड़ीघाटा मोड़ के उत्तर की ओर जाने वाले रास्तों पर आंशिक प्रतिबंध रहेगा।
दूसरा चरण (दक्षिण दिशा): 22 मई की रात से 25 मई की सुबह तक यानी 60 घंटे तक रहा। इस चरण में दक्षिण की ओर जाने वाली सड़कों पर यातायात नियंत्रित किया जाएगा।
क्यों अहम है यह मंजूरी?
316 वर्ग मीटर का यह छोटा सा हिस्सा पूरी ऑरेंज लाइन के लिए सबसे बड़ी बाधा बना हुआ था। नई सरकार के गठन के बाद अब पिलर निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। मेट्रो अधिकारियों का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों और राज्य सरकार के सहयोग से अब इस कॉरिडोर को जल्द से जल्द चालू करने का लक्ष्य रखा गया है। लकाता पुलिस ने वाहन चालकों को इन दो वीकेंड्स के दौरान वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने और अतिरिक्त समय लेकर निकलने की सलाह दी है।
