पिथौरागढ़ : उत्तराखंड के पिथौरागढ़ के खूनी गांव का नाम बदलकर देवी ग्राम कर दिया जाएगा। सरकार की इस घोषणा से गांव के लोगों में खुशी की लहर है। चूंकि लंबे समय से लोग गांव का नाम बदलने की मांग कर रहे थे। लिहाजा स्थानीय सांसद अजय टम्टा ने ग्रामीणों की मांग पर मुख्यमंत्री धामी को इससे संबंधित प्रस्ताव सौंपा। लंबी प्रक्रिया के बाद सरकार ने 'खूनी गांव' का नाम बदलकर देवी ग्राम करने की अधिसूचना जारी कर दी है। गांव का नाम बदलने की खबर आने के बाद ग्रामीणों ने प्रदेश सरकार का धन्यवाद व्यक्त किया।
(खूनी गांव-फोटो-@askraj_gupta)
जानकारी के मुताबिक, 'खूनी गांव' पिथौरागढ़ मुख्यालय से 10 किमी. दूरी पर स्थित है। अजीबो-गरीब नाम होने की वजह से ग्रामीण असहज महसूस करते थे। लिहाजा इसके नाम को बदलने की मांग की जा रही है। ग्रामीण लंबे समय से सांसद अजय टम्टा से गांव का नाम बदलने की मांग कर रहे थे। ओएनजीसी के पूर्व महाप्रबंधक ललित मोहन जोशी भी सीएम से मिलकर इसकी सिफारिश कर रहे थे।
लिहाजा, सीएम पुष्कर सिंह धामी ने तमाम पत्राचार और प्रक्रियाओं के बाद गांव का नाम बदलकर देवी ग्राम करने की मंजूरी दे दी है, जिसके बाद गांव के लोग बेहद खुश हैं। जानकारी के मुताबिक, गांव में विशेष आयोजन किया जाएगा और सीएम को कार्यक्रम में आमंत्रित किया जाएगा।
एनबीटी की खबर के मुताबिक, इस गांव में लगभग 60 परिवार रहते हैं। गांव की जनसंख्या कुल 380 है। गांव की ग्राम प्रधान इंदिरा जोशी का कहना है कि गांव का नाम बदने से ग्रामीण काफी खुश हैं। हालांकि, गांव का नाम खूनी गांव क्यों रखा गया है, इसकी कोई स्पष्ट जानकारी नहीं है? लेकिन मीडिया खबरों के मुताबिक, गांव का नाम खूनी पड़ने की पीछे कई कहानियां प्रचलित है। एनबीटी में छपे लेख के मुताबिक, ग्रामीणों ने बताया कि उनके पूर्वजों ने बताया था कि आजादी से पूर्व जब अंग्रेज गांव आए थे वालों से लड़ाई हुई, तब ग्रामीणों ने एकजुट होकर अंग्रेजों को मार दिया था और उसी के बाद से गांव का खूनी पड़ गया।
सांसद अजय टम्टा ने एक्स पर पोस्ट कर बताया कि 'जन-जन की भावनाओं और लंबे समय से चली आ रही मांग को ध्यान में रखते हुए, आज पिथौरागढ़ क्षेत्र में स्थित ग्राम "खूनी" का नाम परिवर्तित कर "देवीग्राम" किए जाने की अधिसूचना प्रदेश सरकार ने जारी कर दी।'
